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Jharkhand News: सदस्यता रद्द होने पर जल्द ही CM हेमंत सोरेन देंगे इस्तीफा, दोबारा साबित करेंगे बहुमत

इस्तीफा देने के बाद हेमंत सोरेन दौबारा सरकार बनाने का दावा कर सकते हैं। यदी उन पर चुनाव लड़ने पर पाबंदी की घोषणा होती है तो झामुमो व कांग्रेस विधायक दल के नए नेता के नाम की घोषणा करते हुए जल्द सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के पास दावा पेश कर सकती है।

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Archana Keshri

Aug 26, 2022

CM Hemant Soren will resign soon if membership is canceled, will prove majority again

CM Hemant Soren will resign soon if membership is canceled, will prove majority again

झारखंड में चल रहे सियासी ड्रामे के पटाक्षेप का समय आ गया है। झारखंड के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्हें अयोग्य घोषित करने की सूचना चुनाव आयोग जारी करेगा। वहीं इस मुद्दे को लेकर शाम सात बजे मुख्यमंत्री आवास पर सभी घटक दलों की बैठक हुई। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अगले कुछ घंटों में इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद वह दोबारा विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपकर फिर से सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।


हालांकि अब तक ये स्थिति साफ नहीं हुई है कि विधायकी समाप्त होने पर हेमंत सोरेन आगे चुनाव लड़ सकते हैं या नहीं। हालांकि राजभवन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं राज्यपाल के फैसले की भनक मिलते ही यूपीए गठबंधन के विधायकों और आला नेताओं की बैठक सीएम हाउस में हो रही है। सभी विधायकों को हर हाल में रांची में ही रहने को कहा गया है। हेमंत सोरेन इस्तीफा देने के साथ दोबारा सरकार बनाने का दावा करेंगे।


हेमंत सोरेन के इस्तीफा देने और नई सरकार के लिए नए नेता के आमंत्रण के बीच का समय भी राजनीतिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण होगा। दोबारा सरकार बनाने के साथ-साथ वो दोबारा बहुमत साबित करेंगे। दूसरी तरफ हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द होने पर झामुमो और कांग्रेस की ओर से उन्हें जल्द विधायक दल के नए नेता के रूप राज्यपाल के समक्ष पेश किया जा सकता है। यदि हेमंत सोरेने के चुनाव लड़ने पर पाबंदी की घोषणा होती है तो झामुमो व कांग्रेस विधायक दल के नए नेता के नाम की घोषणा करते हुए जल्द सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के पास दावा पेश करेंगे।


गौरतलब है कि हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता पर यह संकट इस वजह से गई कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए रांची के अनगड़ा में अपने नाम 88 डिसमिल के क्षेत्रफल वाली पत्थर खदान लीज पर ली थी। ये भी संभावना जताई जा रही है कि हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद ईडी की सक्रियता बढ़ सकती है। इस्तीफा देने के साथ ही ईडी हेमंत सोरेन को अवैध खनन और मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए तलब कर सकती है। हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू पहले से ईडी की गिरफ्त में आ चुके हैं।