
Devendra Nath Mahto’s Protest Call :छात्र आंदोलन के ऐलान से झारखंड में हलचल तेज, JMM के बयान ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी (फोटो सोर्स: ANI)
Devendra Nath Mahto: झारखंड की राजनीति में छात्र मुद्दों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कल से नए छात्र आंदोलन की शुरुआत करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रतिक्रिया सामने आई है। JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय ने आंदोलन को लेकर सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है।
रांची में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की ओर से नए छात्र आंदोलन की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। महतो ने कल से आंदोलन शुरू करने की बात कही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इस आंदोलन से कैसे निपटेगी और छात्रों की मांगों को लेकर उसका रवैया क्या रहेगा।
इसी बीच JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आंदोलन करना लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी को अपनी बात रखने से रोका नहीं जाएगा। उनके मुताबिक छात्र और युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याएं सरकार के सामने रख सकते हैं तथा विरोध-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं।
मनोज पांडेय ने स्पष्ट किया कि सरकार आंदोलन को बलपूर्वक रोकने की नीति नहीं अपनाएगी। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जनहित से जुड़े सवाल उठाने के अधिकार पर जोर दिया। उनका बयान ऐसे समय आया है जब झारखंड में छात्र संगठनों और युवाओं से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं।
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के छात्र आंदोलनों में सक्रिय चेहरों में गिने जाते हैं। इससे पहले भी छात्र और युवा संगठनों की ओर से रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, नियुक्ति प्रक्रिया, स्थानीय युवाओं के अवसर और शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठते रहे हैं। राज्य में सरकारी नौकरियों और परीक्षाओं से संबंधित विषय युवाओं के बीच खास तौर पर संवेदनशील रहे हैं।
अब नए आंदोलन की घोषणा के बाद निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि देवेंद्र नाथ महतो किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं और आंदोलन का स्वरूप क्या रहता है। यदि प्रदर्शन बड़े स्तर पर होता है तो इससे सरकार पर छात्रों की मांगों पर जवाब देने का दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल JMM की ओर से दिए गए बयान से इतना संकेत जरूर मिला है कि सरकार विरोध की आवाज को लोकतांत्रिक दायरे में रखने के पक्ष में है। आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन किस दिशा में जाता है और सरकार उसकी मांगों पर क्या कदम उठाती है, यह झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।
Updated on:
23 Aug 2026 10:54 am
Published on:
23 Aug 2026 10:51 am
