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‘iPhone आपकी पहचान नहीं’, EMI विवाद में उजड़ा परिवार, तो शहजाद पूनावाला ने युवाओं से की यह भावुक अपील

Maharashtra Tisgaon Incident: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में iPhone की EMI को लेकर हुए विवाद के बाद पूरे परिवार की मौत हो गई। इस दुखद हादसे पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने दुख जताया है और युवाओं से दिखावे से दूर रहने की अपील की। जानें क्या हैं पूरा मामला...
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chhatrapati sambhajinagar incident, iphone status symbol

महाराष्ट्र में एक ही परिवार की दर्दनाक मौत पर बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की प्रतिक्रिया

Sambhajinagar Hill incident: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने हिला कर रख दिया है। महंगा iPhone खरीदने और उसकी ईएमआई (EMI) न चुका पाने के चलते शुरू हुआ पारिवारिक विवाद इतना गंभीर हो गया कि एक ही झटके में पूरा परिवार खत्म हो गया। इस दर्दनाक हादसे में माता-पिता और उनके 18 वर्षीय बेटे, तीनों की ही मौत हो गई। इस दुखद और संवेदनशील मामले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है।

ब्रांड और स्टेटस सिंबल इंसान से बड़े नहीं- शहजाद पूनावाला

घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि युवाओं को अपनी इच्छाओं और घर के हालात के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई फोन, लग्जरी ब्रांड या स्टेटस सिंबल किसी इंसान की जिंदगी और उसकी पहचान से बड़ा हो सकता है? पूनावाला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सपने देखना या आगे बढ़ने की चाह रखना गलत नहीं है, लेकिन युवाओं को कोई भी कदम उठाने से पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को जरूर समझना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति की असली पहचान उसके विचारों और संस्कारों से बनती है, न कि उसके हाथ में मौजूद किसी महंगे iPhone, गैजेट या चमचमाती गाड़ी से।

EMI विवाद से कैसे उजड़ा हंसता-खेलता परिवार?

यह पूरी घटना छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके की है, जहां 18 साल के कुणाल ने अपनी जिद पर iPhone तो खरीद लिया था, लेकिन वह समय पर उसकी किश्तें नहीं भर पा रहा था। जब उसने EMI के पैसों के लिए परिवार पर दबाव बनाया, तो पिता मुरलीधर चांदगुडे के साथ उसकी तीखी बहस हो गई।

पिता से कहासुनी के बाद कुणाल गुस्से में घर छोड़कर निकल गया और पास की एक ऊंची पहाड़ी पर चढ़ गया। उसे बचाने और समझाने के लिए उसके माता-पिता और स्थानीय लोग भी पहाड़ी पर पहुंचे। पिता मुरलीधर ने जब पहाड़ी के मुहाने पर खड़े कुणाल को खींचकर सुरक्षित पीछे करने की कोशिश की, तो बदकिस्मती से दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे गहरी खाई में जा गिरे। अपनी आंखों के सामने पति और बेटे को नीचे गिरता देख मां संगीता भी सहन न कर सकीं और उन्होंने भी पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। खाई में गिरने के कारण परिवार के तीनों सदस्यों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।