
स्मृति ईरानी ने अजमल कसाब और जनरेशन जी पर बात की (Photo Source- Twitter/@SmritiIrani)
Smriti Irani On Tukaram Omble and Kasab: टीवी की फेमस बहू बनकर रही अभिनेत्री स्मृति ईरानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्हें BJP ने नई जिम्मेदारी दी है उन्हें राष्ट्रीय महासचिव (महामंत्री) का पद मिला। टीवी स्क्रीन पर वापसी के साथ वह सामाजिक और लोकतांत्रिक मंचों पर भी काफी एक्टिव हो गई हैं। हाल ही में उन्होंने बात करते हुए 26/11 को लेकर आतंकवादी अजमल कसाब और तुकाराम ओंबले पर बयान दिया।
हाल ही में स्मृति ईरानी एक कार्यक्रम में पहुंची थी। जहां उन्होंने उम्र, संस्थागत मजबूती और अहमियत पर अपनी राय रखी। उन्होंने हॉल में मौजूद लोगों से एक सवाल पूछा, "आप में से कितने लोग 29 साल के हैं?" जब कुछ युवा अपनी जगह पर खड़े हुए, तो स्मृति ने उनसे कमरे में बैठे अन्य लोगों की तरफ देखने को कहा। इसके बाद उन्होंने एक गंभीर सवाल दागते हुए कहा, "अगर हममें से कोई 29 साल का नहीं है, तो क्या इसका मतलब यह है कि हम इंसान नहीं हैं? क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि अब हमारी समाज में कोई अहमियत ही नहीं बची?"
स्मृति का मानना था कि किसी भी व्यक्ति का सामर्थ्य, हुनर और देश या समाज के प्रति योगदान देने की क्षमता उसकी उम्र से तय नहीं की जा सकती।
अपनी बात को सिद्ध करने के लिए उन्होंने मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमले में शहीद हुए वीर असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले की शहादत को याद किया। स्मृति ईरानी ने कहा कि संकट के उस भयावह क्षण में ओंबले जी पीछे नहीं हटे। उन्होंने यह सोचकर इंतजार नहीं किया कि परिस्थिति को संभालने के लिए कोई युवा व्यक्ति (Gen Z) आगे आएगा।”
स्मृति ईरानी ने आगे कहा कि अपना साहस दिखाते हुए अकेले ही तुकाराम ओंबले ने खूंखार आतंकवादी अजमल कसाब को जिंदा पकड़वाने में अपनी जान न्योछावर कर दी। स्मृति ने जोर देकर कहा कि देश की मजबूत संस्थाएं और नागरिक इसी जज्बे से काम करते हैं।
भारतीय लोकतंत्र का जिक्र करते हुए स्मृति ने कहा कि देश में 640 मिलियन (64 करोड़) से भी अधिक लोग मतदान प्रक्रिया में भाग लेते हैं। लोग अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं, पार्टियों या नेताओं के समर्थक हो सकते हैं, लेकिन एक बात जो सभी भारतीयों को एकजुट करती है, वह है भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं में उनका अटूट विश्वास।
स्मृति ईरानी के करियर की बात करें तो, मनोरंजन जगत में वह 25 साल से अधिक का समय बिता चुकीं हैं। हाल ही में अपने आइकॉनिक टीवी शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन में भी वह नजर आ रही हैं। जुलाई 2000 में शुरू हुए इस शो में 'तुलसी विरानी' का किरदार निभाकर वह घर-घर में पहचानी जाने लगी थीं। टीवी पर अमर उपाध्याय (मिहिर) के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन जोड़ी को लोगों ने खूब प्यार दिया था। लगभग 8 साल तक यह रोल निभाकर वह अपने दौर की सबसे महंगी अभिनेत्रियों में शामिल हो गई थीं।
Updated on:
23 Aug 2026 08:44 am
Published on:
23 Aug 2026 08:35 am
