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बिहार CM नीतीश कुमार को मिले नोबल पुरस्कार, जीतन राम मांझी ने उठाई मांग, जानिए कारण

Nobel Prize Demand For Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए नोबल पुरस्कार की मांग की गई है। यह मांग विधानसभा में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा उठाई गई।  

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Jitan Ram Manjhi Demand Bihar CM Nitish Kumar Should Get Nobel Prize

Nobel Prize Demand For Nitish Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा मुख्यमंत्री के लिए नोबल पुरस्कार की मांग की है। मामला नीतीश कुमार और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी से जुड़ा है। दरअसल सोमवार जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार के लिए नोबल पुरस्कार की दावेदारी की। जीतन राम मांझी कई बार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार नीतीश के लिए नोबल पुरस्कार की मांग कर खबरों में बने हैं। बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा (HUM) के प्रमुख नेता जीतन राम मांझी ने सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग की। मांझी ने विनियोग विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए यह मांग उठाई। उन्होंने इसके पीछे के तर्क भी गिनाएं। जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश को बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह के बाद का सबसे अच्छा सीएम बताया।

श्रीकृष्ण सिंह के बाद नीतीश को बताया सबसे अच्छा सीएम

नीतीश कुमार के लिए नोबल पुरस्कार की मांग करते हुए बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि 'बिहार केसरी' श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद आजादी के बाद राज्य के पहले मुख्यमंत्री अगर किसी ने राज्य के लिए काम किया तो वह नीतीश कुमार हैं।

उन्होंने कहा, प्रथम मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह के बाद, नीतीश कुमार एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने बिहार के लोगों के कल्याण के लिए अनुकरणीय कार्य किया है। इसलिए, वह नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं। मैं भी यही मांग करता हूं। नीतीश ने महिलाओं के लिए जो काम किया, उसके आधार पर जीतन राम मांझी ने नोबल पुरस्कार की मांग की।


शराबबंदी पर कई बार सवाल उठा चुके हैं जीतन राम मांझी


हालांकि, मांझी ने यह भी कहा कि सुधार की कुछ गुंजाइश है। बता दें कि जीतन राम मांझी इससे पहले शराब बंदी को लेकर कई सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कई बार यह कहा है कि शराबबंदी के कानून की समीक्षा की जरूरत है। सोमवार को विनियोग विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि आरक्षण आयुक्त के पद को बहाल करने की जरूरत है।

गरीब बच्चों के लिए फ्री शिक्षा की वकालत भी की-

जीतन राम मांझी ने गरीब छात्रों के लिए फ्री शिक्षा की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि गरीब विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयों में नि:शुल्क उच्च शिक्षा का क्रियान्वयन भी आवश्यक है और बिहार सरकार को 2014-15 की नीतियों को प्रारंभ करना चाहिए। मांझी ने दलित और महादलित समुदायों के लिए भूमि सुधार और एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर भी जोर दिया।

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