Jammu & Kashmir: टेरर लिंक मामले में जम्मू कश्मीर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। बिट्टा कराटे की पत्नी को सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। बिट्टा कराटे उर्फ फारूक अहमद डार कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का आरोपी है।
जम्मू कश्मीर में आतंक के खिलाफ जंग को और तेज कर दिया गया है। अब ऐसे लोगों के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है जो सरकारी दफ्तरों, शिक्षा के क्षेत्र जैसी जगहों पर बैठे हैं और आतंक का साथ दे रहे हैं। इसी दिशा में टेरर लिंक मामले में भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत जम्मू कश्मीर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। यहाँ आतंकवादी बिट्टा कराटे की पत्नी समेत 4 सरकार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इन सभी पर आतंकी कनेक्शन के कारण एक्शन लिया गया है।
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जिन चार सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है उनमें बिट्टा कराटे की पत्नी, हिजबुल मुजाहिदीन के सैयद सल्लाउद्दीन का बेटा भी शामिल है। इसके अलावा कश्मीर विश्वविद्यालय के एक असिस्टन्ट माजिद हुसैन कादरी और वैज्ञानिक मुहीत अहमद भट को बर्खास्त किया गया है।
बता दें कि बिट्टा कराटे उर्फ फारूक अहमद डार कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का आरोपी है। 1991 के एक टीवी इंटरव्यू में खुद उसने ये आरोप स्वीकारे थे जिसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। 1990 में उसे गिरफ्तार किया गया था और वो 2006 तक जेल में बंद रहा था। इसके बाद उसे टाडा कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। इसके बाद वो कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) हुआ और जल्द ही इसका चीफ बन गया। इसके बाद टेरर फंडिंग के आरोप में 2019 में NIA ने उसे गिरफ्तार किया था।