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कौन हैं सिद्दारमैया कैबिनेट के इकलौते मुस्लिम मंत्री जमीर अहमद खान, कांग्रेस ने इस वजह से इन्हें किया शामिल

Zameer Ahmad Khan Minister: जमीर अहमद खान को सिद्दारमैया कैबिनेट में शामिल किया गया है। वह इकलौते मुस्लिम विधायक हैं, जिन्हें कैबिनेट में जगह मिली है।

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Zameer Ahmad Khan MLA

Zameer Ahmad Khan Minister: कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में सिद्धारमैया ने तो उपमुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार ने आज (20 मई) शनिवार को शपथ ली। इनके अलावा 8 विधायकों को राज्यपाल ने कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलवाई। इसी के साथ सिद्दारमैया की कैबिनेट तैयार हो चुकी है। इस कैबिनेट में जी परमेश्वर, केएच मुनियप्पा, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियांक खरगे, रामलिंगा रेड्डी और जमीर अहमद खान शामिल हैं। इस कैबिनेट में सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने वाले जमीर अहमद खान कांग्रेस के उन आठ विधायकों में से एक हैं, जिन्होंने सिद्धारमैया कैबिनेट में मंत्रियों के रूप में शपथ ली। वे इस सरकार के इकलौते मुस्लिम मंत्री हैं।


इस वजह से शामिल किए गए

जमीर अहमद खान, सीएम सिद्धारमैया के विश्वस्त लोगों में शामिल हैं और मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने में इनकी भूमिका बहुत बड़ी है। कांग्रेस ने इन्हें इसी बात का इनाम दिया है। 56 साल के जमीर अहमद खान ने बेंगलुरु की चामराजपेट विधानसभा सीट से बड़े अंतर से जीत हासिल की है। वे लगातार पांच बार से यहां विधायक चुने जा रहे हैं। हाल ही में हुए चुनावों में उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार भास्कर राव को लगभग 54 हजार मतों के अंतर से हराया।

जमीर खान की गिनती कर्नाटक में बड़े मुस्लिम नेताओं में होती है। इनकी पहुंच राज्य के लगभग हर क्षेत्र में है । जमीर अहमद खान सिद्धारमैया के इनर सर्कल का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सिद्धारमैया अपना हर फैसला लेने से पहले इनसे राय मशवरा करते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री पद की दौड़ के दौरान जब सिद्धारमैया दिल्ली में थे, उस दौरान भी जमीर उनके साथ थे।

बता दें कि, जमीर अहमद खान की राजनीतिक यात्रा जेडीएस से ही शुरू हुई थी। पहली बार वह 2005 के उपचुनाव में चामराजपेट से विधायक चुने गए। इसके बाद जमीर ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। कर्नाटक की राजनीति में इनका कद बढ़ता गया। 2006 में कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में हज और वक्फ बोर्ड मंत्री बने, उसके बाद अब सिद्धारमैया कैबिनेट में एकलौते मुस्लिम मंत्री के रूप में उन्होंने शपथ ली।

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आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है

2018 के चुनाव में दिए हलफनामे में जमीर अहमद खान ने अपनी संपत्ति 22 करोड़ रुपये बताई थी। उनके ऊपर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। अगस्त 2022 में कर्नाटक के एंटी करप्शन ब्यूरो ने ईडी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि जमीर अहमद खान के पास आय के स्रोतों से 87 करोड़ रुपये ज्यादा की संपत्ति है। आय से अधिक संपत्ति मामले में वह ईडी के सामने पेश हुए थे। 2023 चुनाव में अपने हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति 72 करोड़ से अधिक बताई थी। जो ईडी द्वारा बताई गई रकम से कम थी।

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