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कर्नाटक के मंत्री का विवादित बयान, बोले – भैंस, बैल काटे जा सकते हैं तो गाय का वध क्यों नहीं, भड़के लोग

कर्नाटक में अभी नई सरकार का गठन हुआ ही है। मंत्रियों ने बिवादित बयान देने शुरू कर दिए। कर्नाटक सरकार में पशुपालन मंत्री टी. वेंकटेश हैं। टी. वेंकटेश ने एक विवादित बयान दे दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भैंस और बैल काटे जा सकते हैं तो गाय का वध क्यों नहीं किया जा सकता। इस बयान के बाद कर्नाटक के हिंदूवादी संगठन भड़क गए। और जनता भी नाराजगी दिखा रही है।

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कर्नाटक के मंत्री का विवादित बयान

कर्नाटक सरकार के पशुपालन मंत्री टी वेंकटेश ने गोकशी पर ऐसा बयान दिया कि राज्य में गाय पर सियासत गरम हो गई है। टी वेंकटेश ने कहा कि अगर भैंस और बैल काटे जा सकते हैं तो गाय का वध क्यों नहीं किया जा सकता। मैसुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टी वेंकटेश ने कहा कि विचार-विमर्श के बाद कर्नाटक पशु वध रोकथाम और पशु संरक्षण अधिनियम को वापस लेने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, एक निर्णय लिया जाएगा जो किसानों की मदद करने वाला है। वेंकटेश ने कहा कि वह अपने आवास पर तीन से चार गायों का पालन-पोषण करते हैं।



गौशालाओं के प्रबंधन के लिए धन की कमी

पशुपालन मंत्री टी वेंकटेश ने कहा, जब गायों में से एक मर गई, तो हमें उसका अंतिम संस्कार करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। शव को उठाने के लिए 25 लोग आए, लेकिन यह संभव नहीं था। बाद में एक जेसीबी लाई गई और शव को उठाया गया। पशुपालन मंत्री टी वेंकटेश ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में गौशालाओं के प्रबंधन के लिए धन की कमी है।

गंभीर परिणाम भुगतने चेतावनी

इस बीच, ANI के अनुसार, हिंदू कार्यकर्ताओं ने पशुपालन मंत्री टी वेंकटेश की गई टिप्पणी की जमकर निंदा की है। और कर्नाटक सरकार को चेताते हुए कहा, अगर राज्य सरकार ने गोहत्या पर कानून वापस लिया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

गोहत्या विधेयक का भविष्य संकट में

भाजपा सरकार ने गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने और अपराधियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक पारित किया था। अब इस विधेयक का भविष्य संकट में नजर आ रहा है। सरकार इसके खिलाफ एक्शन लेने के मोड में नजर आ रही है। कर्नाटक में हिंदूवादी संगठन, इस बयान का विरोध कर रहे हैं।

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