
Sri Mahavishnu temple
Kerala Temple Row 2026: केरल के कोट्टायम जिले में एक मंदिर परिसर में भजन समूह द्वारा ईसाई भजन गाए जाने के मामले ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। 14 अप्रैल को श्री महाविष्णु मंदिर, वेम्बिन्कुलंगारा में नंदगोविंदम भजन समूह के लीड सिंगर नवीन मोहन ने मंदिर नवीनीकरण कार्यक्रम के दौरान ईसाई भजन ‘ई परदेवनाहो’ गाया। इससे पहले नवीन ने कहा था, स्थानीय चर्च ने हमारे लिए इतनी व्यवस्थाएं की हैं, क्या हम उनके लिए एक गाना नहीं गा सकते?
वीडियो वायरल होते ही विवाद भड़क उठा। दक्षिणपंथी संगठनों ने इसे मंदिर की पवित्रता पर हमला बताया। केरल हिंदू ऐक्य वेदी के राज्य अध्यक्ष आर.वी. बाबू ने कहा, मंदिर कोई सेकुलर संस्था नहीं है। यहां केवल हिंदू परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम ही होने चाहिए। अन्य धर्मों के प्रार्थना गीत मंदिर में नहीं गाए जा सकते। भक्त दर्शन के लिए आते हैं, साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रदर्शन करने के लिए नहीं।
अपने फेसबुक पेज पर दक्षिणपंथी नेता केपी शशिकला ने इसकी तुलना जिस डाल पर आप बैठे हैं उसे काटने से की। उन्होंने लिखा, आप जिस डाल पर बैठे हैं वह कितनी भी मजबूत क्यों न हो, अगर आप उसे खुद काटेंगे तो वह निश्चित रूप से टूट जाएगी। चिकन मसाला अच्छा है, लेकिन इसे पायसम (मिठाई) में न मिलाएं। यह सलाह एक गृहिणी की है। उन्होंने इसे हिंदू परंपरा के साथ समझौता बताया।
मंदिर प्रशासन ने भजन समूह का समर्थन किया। बयान में कहा गया, कार्यक्रम मंदिर परिसर के अंदर नहीं, बल्कि बाहर आयोजित हुआ था। गांव में हिंदू-ईसाई सद्भाव की पुरानी परंपरा है। नवीन यहां बड़े हुए और ईसाई स्कूल में पढ़े। सभी समुदायों ने कार्यक्रम का समर्थन किया। जब हिंदू दीप जलाते हैं, ईसाई भी जलाते हैं। थालपोली में भी दोनों समुदाय शामिल होते हैं। हम नहीं मानते कि कोई बड़ी गलती हुई है। विवाद से गांव की सद्भावना को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
नंदगोविंदम भजन समूह ने भी सफाई दी। बयान में कहा गया, हमारा इरादा किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था। मंदिर नवीनीकरण में सभी ने सहयोग किया था। आयोजकों और दर्शकों की सहमति से धन्यवाद स्वरूप गाना गाया गया। अगर किसी को बुरा लगा तो हम खेद व्यक्त करते हैं। हमेशा से हम भक्ति, एकता और संगीत के माध्यम से लोगों को जोड़ने में विश्वास रखते हैं।
Published on:
22 Apr 2026 10:42 pm
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