Debate on No Confidence Motion: लोकसभा में इस समय अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है। अविश्वास प्रस्ताव लाया तो गया था मणिपुर हिंसा को लेकर। लेकिन इस बहस में मणिपुर के साथ देश के अन्य मुद्दों पर जोरदार डिबेट जारी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं।
Debate on No Confidence Motion: मणिपुर हिंसा के मामले में मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस जारी है। सोमवर दोपहर 12 बजे से शुरू हुई बहस से सदन का माहौल गरम है। इस बहस पर पूरे देश की निगाहें टिकी है। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस अविश्वास प्रस्ताव को लाने का उद्देश्य मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी का मौनव्रत तोड़ना है। दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि इस अविश्वास प्रस्ताव का एजेंडा बेटे को सेट करना और दामाद को भेंट देना है। इस बहस में अब से थोड़ी देर पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। अपने जवाब में विपक्षी दलों पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि काम भारत विरोधी करेंगे और नाम रखेंगे INDIA।
कांग्रेस छोटी पार्टियों को बोलने तक नहीं देती थी
किरेन रिजीजू ने आगे कहा कि सरकार मजबूत स्थिति में है। पूरी दुनिया में भारत की तारीफ हो रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज हम सभी इस पुरानी संसद में आखिरी बार किसी अविश्वास प्रस्ताव को गिरते हुए देखेंगे। किरेन रिजीजू ने आगे कहा कि मैं 2004 से इस सदन का सदस्य हूं। एक दौर वो भी था जब यही कांग्रेस पार्टी TMC नेता ममता बनर्जी को ढंग से बोलने भी नहीं देते थे।
काम भारत विरोधी करेंगे और नाम रखेंगे इंडिया
कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए किरेन रिजीजू ने कहा कि यही वो कांग्रेस है जो नॉर्थ ईस्ट के सांसदों को संसद में बोलने तक नहीं देते थे। हम छोटी पार्टी थे तो हमें बोलने का वक्त तक नहीं दिया जाता था। पूर्वोत्तर राज्य को यह कांग्रेस भारत का हिस्सा तक नहीं मानती थी। किरेन रिजीजू ने कहा कि ये लोग भारत विरोधी काम करेंगे और अपने गठबंधन का नाम 'INDIA' रख लेंगे।
हम ग्राउंड पर जाकर काम करने वाले लोग, मणिपुर को सुधारने की कोशिश जारी
किरेन रिजीजू ने कहा कि पीएम मोदी ने पहले कार्यकाल की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया था कि हमें नॉर्थ ईस्ट के विकास को रफ्तार देनी है। हम हर 15 दिनों में राज्य का दौरा करते हैं। हम भाजपा के लोग दिल्ली से बैठकर पूर्वोत्तर राज्यों की हालत पर बयानबाजी नहीं करते।
हम ग्राउंड पर जाने वाले लोग हैं और हमारे ग्राउंड का मतलब सिर्फ राजधानियों से नहीं, हम राज्यों के गांवों में जाकर लोगों से मिलते हैं उनसे बात करते हैं। ऐसे हमने मणिपुर की समस्या को जाना और फिर सुधारने की कोशिश की है।
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