
Petrol And Diesel Prices : उत्तर भारत के भाजपाशासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दोहरा रवैया दिख रहा है। चुनाव में पेट्रोल और डीजल की कीमत तो मुददा बनी लेकिन अभी तक इनमें कोई बदलाव या फिर राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है। राजस्थान में पेट्रोल उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा के मुकाबले 12 रुपए तो डीजल चार रुपए लीटर तक महंगा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव में इसे मुददा बनाया था। उन्होंने कहा था कि राजस्थान में पेट्रोल-डीजल बहुत अधिक महंगा है। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। अब कीमत में अंतर से पेट्रोल और डीजल की सीमा से सटे इलाकों में तस्करी हो रही है। प्रदेश में अगर वैट कम हो तो बिक्री बढ़ेगी सरकार का राजस्व पूरा हो जाएगा और जनता को भी राहत मिलेगी।
पेट्रोलियम कंपनियों के पूर्व समन्वयक सुनील गर्ग बताते हैं कि वैट घटाने से प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के करीब 500 पेट्रोल पंपों को सीधा फायदा होगा। सरकार को राजस्व बढ़ाना है तो ग्रीन डीजल की अवैध बिक्री पर ध्यान देना चाहिए। अभी 10 से 15 हजार किलोलीटर ग्रीन डीजल अवैध रूप से बिक रहा हैं। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
वैट में कमी को लेकर सरकार का गणित
पेट्रोल पर 12 रुपए कम हों तो...
जनता को फायदा-3240 करोड़ रुपए सालाना
डीजल पर डेढ़ रुपए कम हों तो...
जनता को फायदा-1050 करोड़ रुपए सालाना
डीजल पर 4.30 रुपए कम हों तो...
जनता को फायदा- करीब 3000 करोड़ रुपए सालाना
Published on:
29 Dec 2023 01:15 pm
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