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कोलकाता (Kolkata) की नखोदा मस्जिद के इमाम मोहम्मद शफीक कासमी ने मुस्लिमों से गोहत्या न करने की अपील की है। कासमी ने मुस्लिमों से हिंदू भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय की कुर्बानी से परहेज करने का आह्वान किया है। ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) से पहले पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी सख्त पशु वध नियमों के मद्देनजर यह बयान सामने आया है। दरअसल बंगाल सरकार ने राज्य में गाय, बैल, भैंस या बछड़े की कुर्बानी के लिए सरकारी अनुमति अनिवार्य कर दी गई है, जिसके बिना वध संभव नहीं है।
कासमी ने यह भी कहा कि अगर सरकार कोई बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं करा सकती है तो उसे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। साथ ही गोवध और गोमांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
कासमी ने कहा कि राज्य सरकार के इन नियमों का पालन करना व्यावहारिक रूप से बहुत कठिन है। इसके लिए उचित बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है। इसी लिए कासमी में मुस्लिमों से आग्रह किया कि वो बकरे या अन्य वैकल्पिक पशुओं की कुर्बानी दें, जो इस्लाम में पूरी तरह जायज़ है। गाय की कुर्बानी से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए सौहार्द बनाए रखने के लिए इस पर रोक लगानी चाहिए। कासमी की इस अपील को धार्मिक सद्भाव और शांति बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
बकरीद 27 या 28 मई को मनाई जाएगी। ऐसे में सभी पक्षों से अपील की जा रही है कि कानून का पालन करें और शांति बनाए रखें। राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे और कोई हिंसा और मनमुटाव न हो, इसी वजह से कासमी ने मुस्लिमों से गोहत्या न करने की अपील की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार ने 14 मई को पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए। इसके तहत 14 वर्ष से ज़्यादा उम्र या फिट न होने वाले पशुओं के लिए प्रमाण-पत्र जरूरी है। वध सिर्फ अधिकृत स्थानों पर ही हो सकता है और सार्वजनिक स्थानों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। उल्लंघन पर जेल या एक हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। इसी वजह से तहत कासमी ने मुस्लिमों से गोमांस का सेवन पूरी तरह से छोड़ने की भी अपील की है।
Updated on:
18 May 2026 06:56 am
Published on:
18 May 2026 06:42 am
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