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दीपावली के बाद बुझ गए पांच घरों के चिराग, राजौरी मुठभेड़ में शहादत में ये बनी बड़ी वजह

Jammu And Kashmir Encounter : जम्मू-कश्मीर के राजौरी मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों ने लश्कर ए तैयबा दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है।

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Jammu And Kashmir Encounter : जम्मू-कश्मीर के राजौरी मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों ने लश्कर ए तैयबा दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है। करीब 30 घंटे तक धर्मसाल के बाजीमाल इलाके में चली इस मुठभेड़ में पांच सैन्यकर्मी भी शहीद हो गए। इसमें दो सैन्य अधिकारी थे और तीन सैन्यकर्मी। इस शहादत के पीछे दो बड़ी वजह निकलकर सामने आई है। पहली पाकिस्तान के दरिंदे आतंकियों की गोलीबारी से महिलाओं और बच्चों को बचाना और दूसरी बड़ी वजह आतंकियों को युद्धक स्थिति की अफगानिस्तान से लेकर पाकिस्तान तक का प्रशिक्षण...


आतंकी कॉरी की काली कहानी...
राजौरी मुठभेड़ में मारा गया आतंकी कॉरी बहुत शातिर और खतरनाक आतंकी था। इसे आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तैयार किया था। इसने पाकिस्तान में निशानेबाजी सीखी और खतरनाक निशानची बना तो वहीं अफगानिस्तान में इसे गुफा युद्ध में प्रवीण किया गया। यह लश्कर के सबसे खतरनाक कमांडर में से एक था।

एक साल से सक्रिय था
आतंकी कॉरी पिछले एक साल से राजौरी और पूंछ में यह सक्रिय था। एक जनवरी को ढांगरी में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी था। इसमें सात लोग मारे गए थे। कॉरी गुफाओं में रहकर युद्ध में माहिर था। इसने अफगानिस्तान की गुफाओं में प्रशिक्षण लिया था। यह बम बनाने में माहिर और आईईडी का लगाने का भी मास्टर था।

खतरनाक है कालाकोट जंगल
यह मुठभेड़ कालाकोट जंगल में चल रही थी। बाजीमाल इलाके में हुई यह मुठभेड़ पार यानी पाकिस्तानी से आए आतंकियों का यह अडडा है। यह आतंकी यहां आकर ठहरते हैं और फिर बिना किसी हरकत के यह पीरपंजाल को पार करते हुए दक्षिण कश्मीर में जाकर आतंक को हवा देते हैं। 2019 से बदले हालत के बाद आतंकी अब राजौरी से पूंछ तक एक बार फिर से सक्रिय हो रहे हैं।

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