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फ्रांस के बारे में ये क्या बोल गईं ट्रस, भारतीय मूल के ऋषि सुनक के पास बढ़त बनाने का मौका

कंजरवेटिव पार्टी की ओर से ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसमें अब ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद बढ़ती जा रही है। ऋषि सुनक के लिए मौका है ट्रस का हालिया एक बयान! आइए आपको बताते हैं क्या हो बयान?

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Will Rishi Sunak Will Come Back in Race : विदेश सचिव लिज ट्रस ने कहा है कि जूरी इस बात पर एकमत नहीं है कि राष्ट्रपति मैक्रों ब्रिटेन के दोस्त हैं या दुश्मन। अगर वह प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वह शब्दों से नहीं, बल्कि अपने कामों से उनको परखेंगी। लिज़ ट्रस ने नॉर्विच में हेस्टिंग्स इवेंट के दौरान एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। वहीं जब यही सवाल भारतीय मूल के ऋषि सनक से किया गया, जो प्रधानमंत्री पद की दौड़ में कुछ पीछे बताए जा रहे हैं, तो उन्होंने मैक्रों को 'दोस्त' कहा। उन्होंने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ब्रिटेन के मित्र हैं और अगर वह जॉनसन के बाद प्रधान मंत्री के रूप में आते हैं तो वह यूरोप के साथ ब्रिटेन के संबंधों को फिर से स्थापित करना चाहेंगे।

ट्रस के बयान पर विवाद

इस बयान के बाद से, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक से आगे चल रहीं लिज ट्रस फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के बारे में दिए गए अपने बयान को लेकर शुक्रवार को विवादों में घिर गयीं। विदेश मंत्री ट्रस ने कहा था कि ‘मैक्रों ब्रिटेन के दोस्त हैं या दुश्मन इस बारे में अभी फैसला होना है।’ ट्रस ने यह भी कहा था कि अगर वह प्रधानमंत्री बनती हैं तो मैक्रों के बारे में कोई भी फैसला उनके काम के आधार पर करेंगी, बयानों के आधार पर नहीं।

फ्रांस दोस्त या दुश्मन, अभी देखना है: ट्रस, विदेश मंत्री ब्रिटेन

ट्रस गुरुवार की शाम को पूर्वी इंग्लैंड के नॉरविक में एक कार्यक्रम में पूछे गये सवालों के जवाब दे रही थीं। वहीं दूसरी तरफ इसी सवाल के जवाब में सुनक ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ‘दोस्त’ हैं और वह पहले कह चुके हैं कि अगर वह बोरिस जॉनसन के उत्तराधिकारी बनते हैं तो यूरोप के साथ ब्रिटेन के संबंधों को दुरुस्त करना चाहेंगे। ट्रस से पूछा गया था कि क्या फ्रांसीसी राष्ट्रपति ‘दोस्त हैं या दुश्मन हैं?’ इस पर उन्होंने जवाब दिया था, ‘अभी फैसला नहीं हुआ है। अगर मैं प्रधानमंत्री बनती हूं तो मैं उनके बारे में काम देखकर निर्णय लूंगी, बयानों के आधार पर नहीं।’

‘ब्रिटेन बेशक फ्रांस का दोस्त है’
ट्रस के इस बयान के बाद विरोधियों को उन पर हमला करने का मौका मिल गया है। विपक्षी लेबर पार्टी ने ट्रस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान को ब्रिटेन के सबसे करीबी देशों में से एक की बेइज्जती के रूप में देखा जाएगा।

मैक्रों को भी नागवार गुजरा बयान

ऐसा लगता है कि ट्रस का यह बयान मैक्रों को भी नागवार गुजरा है, लेकिन उन्होंने इस पर बहुत ही सधी हुई प्रतिक्रिया दी। मैक्रों ने कहा, ‘मुझे इस बारे में कोई संदेह नहीं है कि ब्रिटेन फ्रांस का दोस्त है। आप जानते हैं कि हम जटिल दुनिया में रहते हैं।’

पार्टी के भीतर भी हो रही ट्रस की आलोचना
मैक्रों ने आगे कहा, ‘अगर हम फ्रांस और ब्रिटेन के लोगों के बीच यह नहीं कह पा रहे कि हम दोस्त हैं या दुश्मन हैं तो तटस्थ शब्द नहीं बोला जाएगा। तब हम गंभीर समस्या की ओर बढ़ रहे हैं। इसलिए मैं ब्रिटिश लोगों को, ब्रिटेन को मित्रवत, मजबूत और सहयोगी राष्ट्र बोलता हूं, भले ही इसके नेता कोई भी हों।’ ट्रस की पार्टी के सदस्यों ने भी सोशल मीडिया पर उनके बयान की आलोचना की। पूर्व विदेश मंत्री एलिस्टेयर बर्ट ने कहा कि ट्रस ने गंभीर चूक की है और उन्हें अधिक कूटनीतिक रुख रखना चाहिए।

ट्रस की संभावनाओं पर फिर जाएगा पानी

वहीं, जानकारों का मानना है कि ट्रस का यह एक बयान ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने के उनके सारे अरमानों पर पानी फेर सकता है। बता दें कि ट्रस तमाम ओपिनियन पोल्स में सुनक से काफी आगे चल रही हैं और उनका ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनना अब तक लगभग तय माना जा रहा था। हालांकि मैक्रों को लेकर दिया गया यह बयान उनके चुनावी कैंपेन पर कितना भारी पड़ता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।