
लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में सियासी हलचल तेज है। नीतीश कुमार फिर पाला बदलेंगे इसे लेकर अटकलबाजी का दौर जारी है। नीतीश को लेकर बीजेपी नेताओं का रुख भी नरम पड़ गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को अचानक आज दिल्ली बुलाया गया है साथ ही बीजेपी आलाकमान ने राज्य के नेताओं को नीतीश के खिलाफ सुर नरम करने के निर्देश दिए हैं। कुछ दिन पहले ही सम्राट चौधरी ने कहा था कि अगर सीएम नीतीश बीजेपी में आएंगे तो उनका स्वागत है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह भी पत्रिका समूह को दिए इंटरव्यू में इस ओर इशारा कर चुके हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश फिर एनडीए में शामिल होंगे और बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराया जाएगा।
क्यों लगाया जा रहा है कयास
बिहार में कैबिनेट की बैठक थी जिसे नीतीश कुमार मात्र 15 मिनट में खत्म कर निकल गए। उम्मीद जताई जा रही थी बजट सत्र से पहले अंतिम बैठक में कोई बड़ा ऐलान होगा, लेकिन मात्र 3 प्रस्तावों पर ही मुहर लगी। प्रेस कांफ्रेस भी नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिले तक नहीं और निकल गए।
एनडीए में जदयू की वापसी के सवाल पर पत्रिका समूह को दिए साक्षात्कार में अमित शाह ने नीतीश कुमार को लेकर नरमी दिखाई थी। उन्होंने कहा था, "जो और तो से राजनीति में बात नहीं होती। किसी का प्रस्ताव होगा तो विचार किया जाएगा।" इसके बाद जननायक कर्पूरी ठाकुर को मोदी सरकार ने 'भारत रत्न' देने का ऐलान कर दिया। इन्हें भारत रत्न देने की मांग जदयू लंबे समय से कर रही थी। राजनीति में टाइमिंग का विशेष महत्त्व होता है। कोई भी निर्णय बिना नफा-नुकसान सोचे नहीं लिया जाता। भारत रत्न देने का ऐलान जैसे ही हुआ नीतीश ने पीएम मोदी को सोशल मीडिया पर और फिर रैली में धन्यवाद दिया।
इसी रैली में उन्होंने परिवारवाद पर भी हमला बोला। उसके बाद आज लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने नीतीश पर हमला बोला, उनके विचारधारा पर सवाल किया और अभी राहुल गांधी जो भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे हैं उससे नीतीश कुमार ने लगभग किनारा कर लिया है। इन सभी से संकेतों से उन कयासों को बल मिलता है कि नीतीश बीजेपी के साथ आयेंगे और बिहार में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव होगा।
एनडीए में कौन-कौन दल
बीजेपी और जदयू लंबे समय तक साथ में सरकार चला चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में नीतीश दो बार बीजेपी के अलग होकर राजद के साथ गए हैं लेकिन बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने कभी उनके लिए दरवाजा बंद नहीं किया। अब फिर नीतीश बीजेपी के साथ आते हैं तो बिहार एनडीए में भाजपा, जदयू, लोजपा दोनों गुट, हम पार्टी और रालोसपा साथ मिल कर चुनाव लड़ेगी। वहीं राजद के साथ कांग्रेस और भाकपा (माले) होगी। ऊपर बताए गए सभी संकेतों से साफ है कि बिहार में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने लगी है।
Updated on:
25 Jan 2024 08:46 pm
Published on:
25 Jan 2024 04:27 pm
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