8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Lok sabha election 2024: पूर्व जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ज्वाइन करेंगे भाजपा, यहां से लड़ सकते हैं चुनाव!

lok sabha election 2024: कोलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने मंगलवार सुबह अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे कुछ घंटे बाद ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया है।

2 min read
Google source verification
Former Calcutta High Court judge Justice Abhijit Gangopadhyay

कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थामने का ऐलान कर दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुवार यानी 7 मार्च को मै भाजपा में शामिल होऊंगा। बता दें कि पूर्व जस्टिस गंगोपाध्याय बीते साल एक इंटरव्यू के बाद सुर्खियों में आए थे। इस साक्षात्कार में उन्होंने रिश्वतखोरी के एक मामले पर बातचीत की थी, जिस पर वह उस समय सुनवाई कर रहे थे।

इस सीट से मिल सकता है टिकट

हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस के इस्तीफे और भाजपा ज्वाइन करने के ऐलान के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह बंगाल के तमलुक लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें कि तामलुक सीट हाल के चुनावों में सत्ताकाबिज तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रही है; पार्टी ने 2009 के चुनाव के बाद से इसे अपना कब्जा बरकरार रखा है। इस सीट पर पहले सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ते थे और अब उनके भाई दिब्येंदु अधिकारी प्रतिनिधित्व करते हैं।

मेरी अंतरात्मा की अवाज...

बता दें कि रविवार को अपने इस्तीफे के ऐलान के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए पूर्व जस्टिस ने कहा था कि वह लोगों की सेवा करना चाहते हैं यह "मेरी अंतरात्मा की आवाज" है। उन्होंने कहा, “मैं कलकत्ता हाईकोर्ट में जस्टिस पद से इस्तीफा दे रहा हूं... यह मेरी अंतरात्मा की आवाज है। अब, मुझे बड़े लोगों और बड़े क्षेत्र में जाना चाहिए। कोर्ट में, अगर कोई व्यक्ति याचिका दायर करता है तो आने वाले मामलों को एक जज देखता है। लेकिन हमारे देश में और हमारे राज्य पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में बहुत असहाय लोग हैं।”

शिक्षा क्षेत्र में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार

उन्होंने आगे कहा था कि बीते दो या उससे ज्यादा समय से मैं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मामलों का निपटारा कर रहा हूं, जिसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार पाया गया है। इस सरकार के एजुकेशन सिस्टम के कई अहम लोग जेल में बंद हैं। ऐसे मामलों की निपटारे के दौरान मुझे लगा की एक न्यायमूर्ति के रूप में मेरा काम खत्म हो गया है।