scriptLok Sabha Elections 2024 : बंगाल में ममता ने 4 और BJP ने 5 को दिया टिकट, TMC ने भी जताया दलबदलू नेताओं पर भरोसा | Lok Sabha Elections 2024 : In Bengal Mamata gave tickets to 4 and BJP to 5, TMC also expressed confidence in turncoat leaders | Patrika News

Lok Sabha Elections 2024 : बंगाल में ममता ने 4 और BJP ने 5 को दिया टिकट, TMC ने भी जताया दलबदलू नेताओं पर भरोसा

locationनई दिल्लीPublished: Apr 03, 2024 09:43:28 am

Submitted by:

Shaitan Prajapat

Lok Sabha Elections 2024 : पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पढ़िए रवींद्र राय की विशेष रिपोर्ट…

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Lok Sabha Elections 2024 : पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। दोनों ही पार्टियां कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के चयन में अनुभवी नेताओं की बजाय दलबदलुओं पर भरोसा जताने की रणनीति अपना रही हैं। इससे पार्टी के वफादार समर्थकों में असंतोष पैदा हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने 42 उम्मीदवारों की सूची में चार दलबदलुओं को शामिल किया है जो या तो अन्य पार्टियों के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं या हाल के वर्षों में पार्टी में शामिल हुए हैं। पार्टी की उम्मीदवार सूची में तीन अन्य नाम ऐसे हैं जो वर्तमान में टीएमसी के सांसद या विधायक हैं लेकिन उनका भी विभिन्न दलों से जुड़े रहने का इतिहास रहा है।


दावा, जीतने की क्षमता के चलते दिया टिकट

तृणमूल और भाजपा ने अपने फैसलों को सही ठहराते हुए जीतने की क्षमता और राजनीतिक रणनीति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। दूसरे दलों से आए लोगों को खड़ा करने के कारण तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के खिलाफ कुछ क्षेत्रों में विरोध और असंतोष शुरू हो गया है। दलबदलुओं को उम्मीदवार बनाने से जुड़े जोखिमों को स्वीकार करते हुए दोनों पार्टियों के नेता कहते हैं कि उनकी निष्ठा की कोई गारंटी नहीं है। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि ऐसा नहीं है कि हमारे पास उम्मीदवार के रूप में सक्षम नेताओं की कमी है। राजनीति में अनेक पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए। जीतने की क्षमता और पार्टी की रणनीति सर्वोपरि है।

मैदान में उतारे

तृणमूल की ओर से मैदान में उतारे गए दलबदलुओं में विश्वजीत दास, मुकुटमणि अधिकारी और कृष्ण कल्याणी प्रमुख हैं, जो क्रमश: बनगांव, राणाघाट और रायगंज लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। बैरकपुर से भाजपा सांसद अर्जुन सिंह दो साल पहले तृणमूल में शामिल होने के बाद पिछले महीने भगवा खेमे में लौट आए थे। उनको फिर से पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है। तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज विधायक तापस राय उम्मीदवार चयन को लेकर असहमति के कारण भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें कोलकाता उत्तर से मैदान में उतारा है। शुभेंदु अधिकारी के छोटे भाई सौमेंदु अधिकारी भी तृणमूल कांग्रेस छोड़कऱ भाजपा में आए और पार्टी के उम्मीदवार हैं।

नए चेहरों को तरजीह

तृणमूल कांग्रेस ने निवर्तमान सांसदों में से 16 को फिर से उम्मीदवार बनाया है, लेकिन सात को मैदान में नहीं उतारा। इस बार उम्मीदवार सूची में 26 नए चेहरे हैं जिनमें 11 राजनीति में नए हैं। पिछली बार चुनाव हारे नेताओं को दूर रखा है।

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