
फोटो: पत्रिका
पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश की जन्मशती आज 20 मार्च को मनाई जा रही है। जयपुर से 7 मार्च 1956 को एक पन्ने के सांध्य दैनिक के रूप में शुरू हुई राजस्थान पत्रिका को कुलिशजी ने जनसरोकारों की मजबूत आवाज बनाया। बाद में समूह ने राजस्थान से बाहर भी विस्तार किया।
कुलिशजी के मार्गदर्शन में पत्रिका ने सनसनीखेज खबरों के बजाया तथ्यपरक, संतुलित और जिम्मेदार रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी। उनकी इसी सोच ने पत्रिका समूह को विश्वसनीयता दिलाई। जन्मशती के अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कुलिशजी की निर्भीक लेखनी और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ट्वीट कर कुलिशजी को कोटि-कोटि नमन किया।
इस खास अवसर पर ‘बिटिया @वर्क’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है। इसके तहत बेटियां अपने माता-पिता के कार्यस्थल पर जाकर वहां की कार्यप्रणाली को समझेंगी और जिम्मेदारियों से जुड़ते हुए निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी करेंगी।
हिंदी पत्रकारिता के शिखर पुरुष, निर्भीक लेखनी और जनसरोकारों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक श्रद्धेय श्री कर्पूर चन्द्र कुलिश जी की जन्मशती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
उन्होंने पत्रकारिता को केवल समाचारों के प्रसार तक सीमित न रखकर जनचेतना, जनभावनाओं और समाज की संवेदनाओं को एक सशक्त स्वर दिया तथा जनसरोकार की पत्रकारिता को नई पहचान प्रदान की। “पाठक ही सर्वोपरि” और “य एषु सुप्तेषु जागर्ति” जैसे उच्च आदर्शों के साथ उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र की एक सजग और प्रभावी आवाज बनाया।
उनके द्वारा स्थापित सिद्धांतों और आदर्शों ने पत्रकारिता को नई गरिमा, विश्वसनीयता और दिशा प्रदान की, जिनकी छाप आज भी ‘राजस्थान पत्रिका’ के रूप में जीवंत दिखाई देती है। उनके विचार और मूल्य आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देते रहेंगे।
Updated on:
20 Mar 2026 01:59 pm
Published on:
20 Mar 2026 01:59 pm
