
पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। दरअसल, झारखंड के गोड्डा सीट से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर देश के बड़े उद्योगपति से पैसे और गिफ्ट लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया। इसके साथ ही दुबे ने स्पीकर ओम बिरला से मांग की थी कि मोइत्रा के संसदीय आचरण की जांच कराई जाए।
दुबे की शिकायत के बाद विभिन्न दलों की 15 सदस्यीय ये एथिक्स कमेटी इस मामले की जांच करेगी। कमेटी ने महुआ को 26 अक्टूबर को समीती के सामने पेश होने का आदेश दिया है। बता दें कि अगर महुआ पर आरोप सिद्ध होता है तो उनकी संसद सदस्यता रद्द हो सकती है।
महुआ पर बिजनेसमैन से घूस लेने का आरोप
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर महुआ पर घूस लेने का आरोप लगाया है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में भाजपा सांसद ने दावा किया कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से गिफ्ट और घूस लिए। हालांकि महुआ ने ऐसे किसी भी आरोप से इनकार किया है और कहा है कि वो किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
निशिकांत दुबे ने IT मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी लिखी चिट्ठी
भाजपा सांसद दुबे ने स्पीकर के अलावा एक पत्र केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को भी लिखा और मांग की कि महुआ मोइत्रा के लॉग इन आइडी और IP ऐड्रैस की जांच की जाए। वहीं मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी माना कि जो सवाल महुआ मोइत्रा ने संसद में पूछे थे, और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने उनको जो खत लिखे थे, उन दोनों की भाषा बिल्कुल मिलती-जुलती है।
महुआ के खिलाफ कौन सी कमेटी कर रही जांच?
महुआ के खिलाफ लगे आरोपों की जांच ससंद की एथिक्स कमेटी कर रही है। एथिक्स कमेटी का काम नैतिक तौर पर किसी भी सांसद पर लगे आचरण से जुड़े आरोप की जांच करना है। इसका काम सभी तरह की ऐसी शिकायत जो लोकसभा स्पीकर द्वारा भेजी जाती है, उसकी जांच करना होता है।
बता दें स्पीकर ओम बिरला ने महुआ मोइत्रा का मामला इसी कमेटी के पास भेजा है। अब कमेटी इस मामले की जांच करेगी और शुरुआती जांच में कुछ ऐसा लगता है, तो ये कमेटी महुआ मोइत्रा से भी पूछताछ कर सकती है। इसके साथ ही आरोप लगाने वाले सांसद निशिकांत दूबे से भी सबूत मांगे जा सकते हैं।
कमेटी में कौन-कौन शामिल?
बता दें कि एथिक्स कमेटी में विभिन्न दलों के 15 सांसद सदस्य होते है। फिलहाल इस कमेटी की अध्यक्षता भाजपा के पास है और बीजेपी सांसद विनोद सोनकर एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा इसमें डॉ सुभाष रामराव भामरे बीजेपी, सुनीता दुग्गल बीजेपी, हेमंत तुकाराम गोडसे शिवसेना, प्रणीत कौर कांग्रेस, कुंवर दानिश अली बीएसपी, पी आर नटराजन सीपीएम, उत्तम कुमार नलमदा रेड्डी कांग्रेस, डॉ राजदीप रॉय कांग्रेस, अपराजिता सारंगी बीजेपी, सुमेधानंद सरस्वती बीजेपी, विष्णु दत्त शर्मा बीजेपी, बालाशौरी वल्लभनेनी YSR कांग्रेस, वैथिलिंगम वे. कांग्रेस और गिरिधारी यादव, जेडी(यू) सदस्य हैं।
सांसद को दिया जाता है अपना पक्ष रखने का मौका
हालांकि जिस भी सांसद पर ऐसे आरोप लगते हैं उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। साथ ही प्रारंभिक जांच में अगर आरोप सही लगते हैं कि इसकी गहन जांच की जाती है. कमेटी आरोप लगाने वालों को भी समन देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। कमेटी महुआ मोइत्रा द्वारा पूछे गए सवालों की लिस्ट तैयार कर सकती है और इसकी जांच करेगी कि क्या ये किसी खास के हित में या उसके बिजनेस को लाभ पहुंचाने के लिए पूछे गए हैं।
पूरी जांच कर एथिक्स कमेटी अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को देगी। अगर इसमें किसी भी तरह की सजा की सिफारिश की जाती है तो संसद में रिपोर्ट रखे जाने के बाद सहमति के आधार पर उस सांसद के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। वहीं स्पीकर को भी ये अधिकार है कि वो सेशन नहीं चल रहा हो तो कार्रवाई को लेकर फैसला ले सकते हैं।
पहले भी करीब 11 सांसदों की जा चुकी है सदस्यता
बता दें कि ये पहला मौका नहीं है, जब किसी सांसद पर ऐसे आरोप लगे है। इससे पहले 2005 में 10 लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद पर इस तरह के पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में स्टिंग ऑपरेशन हुए थे, तब पवन कुमार बंसल की अध्यक्षता में एक कमेटी ने जांच में आरोप सही पाए थे और सभी सांसदों की सदस्यता चली गई थी, तो समय-समय ऐसे आरोप की जांच और कार्रवाई हुई है। वहीं, महुआ मोइत्रा पर लगे ये आरोप काफी गंभीर है, इसीलिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मामले को एथिक्स कमेटी को भेजा है।
कैश और गिफ़्ट के लिए अपने पदों का दुरुपयोग करने का आरोप
गौरतलब है कि लोकसभा स्पीकर को भेजी एमपी निशिकांत दुबे की चिट्ठी में सांसद महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने दर्शन हीरानंदानी के हितों से जुड़े और अदाणी ग्रुप के हितों को नुक़सान पहुंचाने वाले सवाल पूछे। महुआ ने कैश और गिफ़्ट के लिए अपने पदों का दुरुपयोग किया तथा पैसे के लिए पीएम मोदी और अदाणी पर आरोप लगाए।
आरोप है कि टीएमसी सांसद ने 61 में से 50 सवाल हीरानंदानी और अदाणी से जुड़े हुए पूछे। 37 सवाल हीरानंदानी के पक्ष में तो वहीं 9 सवाल अदाणी को निशाना बनाने के लिए पूछे। साथ ही 7 सवाल हीरानंदानी के लिए अदाणी के ख़िलाफ़ पूछे, तो वहीं अपने चुनाव क्षेत्र पर सिर्फ़ 3 सवाल पूछे। अगर एथिक्स कमेटी ने सांसद पर लगे आरोपों को सही पाया, तो महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता तक जा सकती है।
26 अक्टूबर को कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश
महुआ मोइत्रा को इस मामले में 26 अक्टूबर को ऐथिक्स कमेटी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही बैठक में निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई सबूत भी पेश कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक ये बैठक दोपहर बारह बजे शुरू होगी। पहले निशिकांत दुबे और जय अनंत देहाद्राई को मौखिक साक्ष्य देने के लिए बुलाया जाएगा फिर महुआ से सवाल जवाब होंगे। इसे लेकर एक नोटिस भी जारी किया गया है।
Published on:
18 Oct 2023 01:29 pm
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