7 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

45 साल बाद खुलासा… माउंटबेटन की हत्या में निर्दोष ने काटी सजा, मास्टरमाइंड ने खुद खोला राज

भारत के अंतिम वाइसरॉय और गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten) की हत्या के 45 साल बाद खुलासा हुआ है। IRA के पूर्व अफसर माइकल हेज ने बताया माउंटबेटन की हत्या कांड का कारण।

less than 1 minute read
Google source verification
Lord Mountbatten

भारत के अंतिम वाइसरॉय और गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten) की हत्या के 45 साल बाद खुलासा हुआ है। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और था। वह कभी कानून की नजरों में आया ही नहीं। खुलासा खुद मास्टरमाइंड माइकल हेज ने किया है। आयरलैंड की राजधानी डबलिन में रहने वाला हेज 90 साल के हो चुके हैं। ब्रिटिश वेबसाइट डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक आयरलैंड में 27 अगस्त, 1979 को हुई लॉर्ड माउंटबेटन की हत्या के मामले में थॉमस मैकमोहन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जो आयरिश रिपब्लिक आर्मी (IRA) से जुड़ा था। यह संगठन ब्रिटेन के कब्जे से मुक्त स्वतंत्र देश की मांग कर रहा था। माइकल हेज ने डेली मेल को बताया कि माउंटबेटन की हत्या के पीछे थॉमस मैकमोहन नहीं, बल्कि वह था। उसका कहना है कि ब्रिटेन के लोगों ने उसके देश पर जबरन कब्जा कर रखा था। वे लोगों की हत्याएं कर रहे थे। इसका बदला लेने के लिए उसने माउंटबेटन को मारने का प्लान बनाया और उसे अंजाम दिया।

कड़ा संदेश देना था मेन मकसद

माइकल हेज का कहना है कि आइआरए के कमांडर्स ने सोच-विचार के बाद लॉर्ड माउंटबेटन की हत्या का फैसला किया,ताकि ब्रिटेन को कड़ा मैसेज दिया जा सके कि वह उत्तरी आयरलैंड पर जबरन कब्जा करने से बाज आए। हत्या का प्लान बनाने और उसे अमलीजामा पहनाने का जिम्मा माइकल हेज को सौंपा गया।

जहाज पर 50 पाउंड के बम से धमाका

माइकल हेज आइआरए की एक बटालियन का कमांडिंग अफसर, जबकि थॉमस मैकमोहन उसका जूनियर कमांडर था। हेज ने बताया कि लॉर्ड माउंटबेटन उत्तरी आयरलैंड को जबरन इंग्लैंड का हिस्सा बनाना चाहते थे। हत्या के लिए उनके मछली पकडऩे वाले जहाज शैडो वी पर 50 पाउंड का बम लगाकर धमाका किया गया।