26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘जब संशोधन से काम चल सकता था तो नए कानून क्यों’- High Court

Madras High Court on New Laws: नए कानूनों पर मद्रास हाईकोर्ट ने जताई हैरानी।

less than 1 minute read
Google source verification
madras high court

madras high court

Madras High Court: मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हैरानी जताई कि क्या जरूरत आ पड़ी थी कि केंद्र सरकार को IPC, CRPC और साक्ष्य अधिनियम जैसे पूर्ववर्ती आपराधिक कानूनों को निरस्त करना पड़ा। प्रस्तावित परिवर्तनों को उन अधिनियमों में संशोधन के माध्यम से शामिल किया जा सकता था।

BNS, BNSS और BSA की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली DMK के संगठन सचिव आरएस भारती की ओर से दायर तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एसएस सुंदर और जस्टिस एन. सेंथिलकुमार की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, "आप सब कुछ क्यों बदलना चाहते थे? क्या यह लोगों को भ्रमित करने के लिए था? आप छोटे संशोधन कर सकते थे।" अदालत ने केंद्र से 4 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा।

ये भी पढ़ें: किसानों पर पैसों की बारिश! बढ़ेगी KCC लिमिट और PM किसान सम्मान निधि की राशि