
3 लाख में 10 दिन की बच्ची का सौदा (AI Image)
महाराष्ट्र के गोंदिया और भंडारा जिलों से मानवता को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महज 10 दिन की नवजात बच्ची को इलाज के बहाने नागपुर भेजने का झांसा देकर ढाई से तीन लाख रुपये में बेच दिया गया। इस संगठित नवजात तस्करी रैकेट में गोंदिया के एक डॉक्टर को मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। पुलिस ने अब तक एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि डॉक्टर समेत पांच आरोपी फरार हैं।
यह सनसनीखेज मामला 2 फरवरी को सामने आया, जब महिला एवं बाल विकास विभाग की चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना मिली कि भंडारा तहसील के पांढराबोड़ी गांव में एक महिला के घर 10 दिन की नवजात बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में रखी गई है। सूचना मिलते ही समन्वयक टीम मौके पर पहुंची और 44 वर्षीय मालती प्रकाश वाघमारे से पूछताछ की। उसने बताया कि बच्ची को गोंदिया से लाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मालती को 3 फरवरी को भंडारा स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुई।
चाइल्ड हेल्पलाइन की लिखित सूचना पर वरठी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। जब पुलिस पांढराबोड़ी पहुंची, तब तक मालती बच्ची को लेकर कार से फरार हो चुकी थी। कुशारी फाटा इलाके में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने वाहन रोका। जांच में गोंदिया के रामनगर निवासी पूर्णिमा सतीश धुर्वे (30) के कब्जे में नवजात बच्ची मिली। पूछताछ में वह बच्ची के माता-पिता या वैध दस्तावेजों के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी और इलाज के लिए नागपुर ले जाने की बात कहती रही। पुलिस ने तत्काल बच्ची को भंडारा के अस्पताल में भर्ती कराया और उसके असली माता-पिता की तलाश शुरू की।
4 फरवरी को नवजात के असली माता-पिता बाल कल्याण समिति के सामने उपस्थित हुए। उनके बयान से पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। माता-पिता ने बताया कि यह उनकी तीसरी संतान है। बच्ची समय से पहले जन्मी थी और उसकी हालत गंभीर थी। इलाज के लिए उसे गोंदिया के रामनगर स्थित एक क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। आर्थिक तंगी की बात बताने पर डॉक्टर ने नागपुर की एक सामाजिक संस्था में मुफ्त इलाज कराने का भरोसा दिलाया। लेकिन जांच में सामने आया कि डॉक्टर ने बच्ची को नागपुर न भेजकर अपनी सहयोगी, असिस्टेंट ललेश्वरी नंदकिशोर सादेपाच (39) की मदद से मालती वाघमारे को बेच दिया।
पुलिस जांच के अनुसार, नवजात बच्ची का सौदा ढाई से तीन लाख रुपये में किया गया। एक लाख रुपये चेक के जरिए और बाकी रकम नकद दी गई। इस मामले में वरठी पुलिस थाने में गोंदिया निवासी डॉक्टर, उसकी असिस्टेंट ललेश्वरी सादेपाच, मालती वाघमारे, पूर्णिमा धुर्वे और उमेश सिंह रामचंद्र गहलोत (48) के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। ललेश्वरी सादेपाच को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी डॉक्टर सहित अन्य आरोपी फरार हैं।
जांच अधिकारी एवं उपविभागीय पुलिस अधिकारी शिवम विसापूरे के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉक्टर फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमें रवाना की गई हैं। पुलिस को डॉक्टर की शैक्षणिक डिग्री और पंजीकरण को लेकर भी संदेह है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
12 Feb 2026 04:36 pm
Published on:
12 Feb 2026 04:36 pm
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