
सीएम ममता बनर्जी (फोटो- एएनआई)
Mamata Banerjee Trinamool Congress Latest Update: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रही उथल-पुथल के बीच ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला लिया। चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद ममता ने खुद पश्चिम बंगाल टीएमसी प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने पार्टी संगठन में बदलाव करते हुए मदन मित्रा और कुणाल घोष को राज्य समिति में जनरल सेक्रेटरी बनाया।
ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि AITC चेयरपर्सन के रूप में अब वह पश्चिम बंगाल TMC की स्टेट यूनिट प्रेसिडेंट की भूमिका भी निभाएंगी।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत मदन मित्रा और कुणाल घोष को राज्य समिति में शामिल किया गया। दोनों नेताओं को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बनाया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पार्टी के अंदर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। TMC मुख्यालय को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। खबरों के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक बागी गुट ने पार्टी कार्यालय पर नियंत्रण का दावा किया था। स्थिति को देखते हुए कोलकाता स्थित TMC के राज्य कार्यालय के मालिक ने अंदर से परिसर को बंद कर दिया। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर तनाव को और बढ़ा दिया।
इसी बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल TMC प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ममता बनर्जी को भेजे अपने इस्तीफे में कहा कि वह जून 2026 में मिली जिम्मेदारी से हट रही हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी के बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और चुनाव आयोग के समक्ष अधिकृत प्रतिनिधि की भूमिका से भी खुद को अलग कर लिया।
ऋतब्रत बनर्जी ने इससे पहले TMC के लिए नए नेतृत्व ढांचे की घोषणा की थी। उन्होंने अरूप रॉय को नई समिति का चेयरपर्सन बनाया। साथ ही 30 सदस्यीय नेशनल वर्किंग कमेटी (NWC) का गठन किया गया।
इस समिति में फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष, सबीना यास्मीन, जावेद खान और संदीपन साहा सहित कई नेताओं को शामिल किया गया। फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी को पार्टी में मेंटर की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि दीदी हमें मार्गदर्शन दें और संगठन को दिशा दिखाएं।”
वहीं बागी गुट का दावा है कि TMC के 80 में से 58 विधायक उनके साथ हैं। यह दावा पार्टी के भीतर बढ़ते शक्ति संघर्ष की ओर इशारा करता है। इसी दौरान TMC की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय की घोषणा की। इस कदम ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को और संकट में ला खड़ा कर दिया।
Updated on:
04 Jul 2026 08:37 pm
Published on:
04 Jul 2026 08:37 pm
