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ED के बाद बंगाल में NIA की टीम पर हमला, सीएम ममता बनर्जी ने दी प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल में तीन महीने के भीतर केंद्रीय एजेंसियों की टीम पर हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले पांच जनवरी को, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और उनके साथ आए सीएपीएफ कर्मियों पर एक हजार से अधिक लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया था।

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पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के भूपतिनगर में शनिवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम पर स्थानीय लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया। एनआईए के अधिकारी दिसंबर 2022 में हुए एक विस्फोट की जांच के लिए वहां पहुंचे थे जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। बता दें कि तीन माह के भीतर केंद्रीय एजेंसियों की टीम पर हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले पांच जनवरी को, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और उनके साथ आए सीएपीएफ कर्मियों पर एक हजार से अधिक लोगों के एक समूह ने हमला कर दिया था। उस समय टीम पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता शेख शाहजहां के आवास पर छापेमारी और तलाशी के लिए गई थी। हमले में ईडी के तीन अधिकारी घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।


मामला जानिए


एनआईए ने दिसंबर 2022 विस्फोट से संबंधित पूछताछ के लिए भूपतिनगर निवासी बलाई मैती और मोनोब्रत जाना सहित टीएमसी के कुछ स्थानीय नेताओं को समन दिया था, लेकिन इन लोगों ने समन को नजरअंदाज कर दिया। इस पर एनआईए की टीम शनिवार सुबह भूपतिनगर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। जब वे उन्हें वाहन में बैठाकर वापस जा रहे थे, तो ग्रामीणों के एक समूह ने वाहन को रोका और दोनों को छोड़ने की मांग की।

लेकिन एनआईए के अधिकारियों द्वारा उन्हें छोड़ने ने इनकार करने पर 100 से अधिक लोगों के समूह ने वाहन पर हमला कर दिया और उसके शीशे तोड़ दिए। इस हमले में एनआईए के दो अधिकारियों को कथित तौर पर मामूली चोटें आईं। हालांकि, वे मौके से निकलने और स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचने में कामयाब रहे।

बीजेपी ने ममता सरकार को घेरा

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी के रवैये की जमकर आलोचना की है। शहजाद पूनावाला ने कहा कि 2022 के बम विस्फोट मामले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल के भूपतिनगर गई एनआईए की टीम पर संदेशखाली की तर्ज पर ही हमला किया गया है और राज्य के टीएमसी नेता के साथ-साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस हमले को जस्टिफाई कर रही हैं।

पूनावाला ने इसे संदेशखाली 2.0 बताते हुए कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था ध्वस्त है, वहां की जनता पूरी तरह से त्रस्त है। लेकिन, इंडी गठबंधन के ये नेता सत्ता के लालच में मदमस्त हैं।

टीएमसी का मतलब- टेरर, माफिया और करप्शन

भाजपा प्रवक्ता ने ममता सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी के राज में आज टीएमसी का मतलब तृणमूल कांग्रेस नहीं बल्कि टेरर, माफिया और करप्शन बन चुका है। ममता बनर्जी के राज में बंगाल की कानून व्यवस्था हर रोज एक नए निचले स्तर को छूती है और जिस प्रकार का वातावरण आज पश्चिम बंगाल में बन चुका है कि वहां केंद्रीय जांच एजेंसियों के जांबाज अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वहां मां, माटी, मानुष कैसे सुरक्षित होगा?

ममता बनर्जी ने दी प्रतिक्रिया

बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट में एक चुनावी रैली के दौरान कहा, "हमला भूपतिनगर की महिलाओं ने नहीं किया था, बल्कि एनआईए के अधिकारियों ने किया था। अगर महिलाओं पर हमला होगा तो क्या महिलाएं शांत बैठी रहेंगी? एनआईए, सीबीआई भाजपा के भाई हैं, ईडी और आईटी विभाग भाजपा को निधि मुहैया कराने वाले बक्से हैं। अगर भाजपा में ताकत है, तो चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से लड़कर जीतें। मेरे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और चुनाव एजेंट को गिरफ्तार न करें। चुनाव में सभी को समान अवसर मिलने चाहिए।"