
मणिपुर में कूकी-जोमी समुदाय की दो महिलाओं को मणिपुर पुलिस के पुलिसकर्मियों ने ही उस भीड़ के हवाले कर दिया था। इसके बाद इन दोनों महिलाओं को मैतेई समुदाय की भीड़ ने निर्वस्त्र कर घुमाया था। सीबीआई की ओर से अदालत में पेश किए आरोपपत्र में इसका खुलासा किया गया।
सीबीआई के आरोपपत्र में कहा है कि कांगपोकपी जिले में इन महिलाओं ने पुलिसकर्मियों से उनके सरकारी वाहन में शरण मांगी थी, लेकिन उन्होंने दोनों महिलाओं को करीब 1000 मैतई दंगाइयों की भीड़ को सौंप दिया। इसके बाद दोनों महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया था।
यह घटना जातीय हिंसा के दौरान की है। सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार पीड़ित महिलाओं में से एक करगिल युद्ध में शामिल सैनिक की पत्नी थी। इस मामले मेँ सीबीआइ ने छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।
Published on:
01 May 2024 06:45 am
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