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मणिपुर हिंसा : IAS, IPS सहित 11 अफसरों का तबादला, शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार ने बनाई ये कमेटी

Manipur Violence : मणिपुर में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। तीन मई से राज्य में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा का जारी है। गृह मंत्री अमित शाह की अपील भी अब तक बेअसर साबित हुई है। इधर अब केंद्र सरकार ने राज्य में शांति बहाल करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है।  

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मणिपुर हिंसा : शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार ने बनाई ये कमेटी

मणिपुर हिंसा : शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार ने बनाई ये कमेटी

Manipur Violence : पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जारी हिंसा थमती नजर नहीं आ रही है। राज्य में 3 मई से कूकी और मैतेई समुदाय के बीच जातिगत हिंसा जारी है। इस हिंसा में अभी तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 310 घायल हैं और 37 हजार से ज्यादा लोग 272 राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। दर्जनों गांव खाली हो गए। उपद्रवियों ने सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया। राज्य में जारी हिंसा पर काबू पाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चार दिनों के दौरे पर आए थे। लेकिन अमित शाह के दौरे और उनकी अपील का भी कोई खास असर होता नजर नहीं आ रहा है। अब शनिवार को राज्य में जारी ताजा हिंसा की गाज 11 अफसरों पर गिरी है। सरकार ने 11 अफसरों का तबादला कर दिया है।

शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार ने बनाई कमेटी

दूसरी ओर शनिवार को केंद्र सरकार ने राज्य में शांति कायम करने के लिए एक पीस कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का अध्यक्ष राज्यपाल को बनाया गया है। इसके अलावा कमेटी के सदस्यों में मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के कुछ मंत्री, सांसद, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं। समिति में पूर्व सिविल सेवक, शिक्षाविद्, साहित्यकार, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जातीय समूहों के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं।


राज्य में 3 मई से इंटरनेट सेवा बंद

मणिपुर में हिंसा के कारण 3 मई से इंटरनेट बंद है। राज्य में इंटरनेट बहाली के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार तत्काल लिस्टिंग से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उच्च न्यायालय ने इस मामले को जब्त कर लिया है।

मणिपुर में 39 दिन से जारी हिंसा में अब तक अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 310 घायल हैं और 37 हजार से ज्यादा लोग 272 राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इस दौरान राज्य में हिंसा के मामलों में करीब 3700 एफआईआर दर्ज की गई है।



CBI ने 6 केस दर्ज किए, जांच के लिए SIT बनाई

उधर, 9 जून को ही CBI ने मणिपुर हिंसा के संबंध में 6 केस दर्ज किए। जांच के लिए SIT बनाई है, इसमें 10 सदस्य हैं। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट की वैकेशनल बेंच ने राज्य में 3 मई से लगे इंटरनेट बैन पर फौरन सुनवाई से इनकार कर दिया। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने कहा कि मामला पहले से हाईकोर्ट में है। इस पर सुनवाई होने दें।

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कैसे और कहां से हुई हिंसा की शुरुआत?

तनाव की शुरुआत चुराचंदपुर जिले से हुई जो राजधानी इम्फाल के दक्षिण में करीब 63 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिला कुकी बहुल है। पिछले हफ्ते द इंडिजेनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने गवर्नमेंट लैंड सर्वे के विरोध में 28 अप्रैल को चुराचंदपुर में 8 घंटे बंद का ऐलान किया था। संयोग से बंद वाले दिन ही मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का जिले में कार्यक्रम भी था। इसके बाद से धीरे-धीरे हिंसा की आग पूरे राज्य में फैल गई।

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