
मणिपुर राज्य लगातार हिंसा से जूझ रहा है। राज्य में मैतई और कुकी समुदाय के लोगों के गुट आमने-सामने हैं। राज्य की जमीनी हकीकत को जानने के लिए पत्रिका के रिपोर्टर विकास सिंह मणिपुर में हैं। यहां इंफाल जिले के सिंगदा गांव का हाल विकास ने जाना है।उन्होंने तस्वीरों के जरिए हालात को दिखाने की कोशिश की है।

सिंगड़ा गांव की आबादी करीब 775 की है। इस में से 200 लोग रोजगार के सिलसिले में गांव के बाहर हैं। गांव में रहने वाले सभी मर्दों की ड्यूटी इस वक्त सिक्योरिटी में लगी हुई है।

24 मई को फायरिंग में गांव के रहने वाले ऋषिकेश को गोली लग गई थी। उसकी जांघ में अभी भी 3 बुलेट्स फंसी हैं। 2 महीने हॉस्पिटल में रहने के बाद वह डिस्चार्ज हुआ है। ऋषिकेश को गोली लगने से बाद से गांव में सन्नाटा ही देखने को मिल रहा है।

गांव के रहने वाले मैतेई समुदाय के लोगों का आरोप है कि कुकी ट्राइब रात में पहाड़ी से AK-47, M16 एसाल्ट राइफल, एलएमजी मशीनगन और स्नाइपर से फायरिंग करते हैं। सारा दिन गांव के रास्ते सूने पड़े रहते हैं।