8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बागियों पर होगा एक्शन, राजद के बड़े सांसद ने तेजस्वी यादव और लालू को सौंप दी रिपोर्ट

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने तेजस्वी यादव और लालू यादव को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जिन्होंने भी पार्टी के खिलाफ काम किया। उन सभी पर एक्शन होगा। पढ़ें पूरी खबर...

2 min read
Google source verification

सुधाकर सिंह राजद सांसद (फोटोःIANS)

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) जल्द बागियों पर कार्रवाई कर सकती है। पार्टी सांसद सुधाकर सिंह ने दावा किया है कि पार्टी के विरुद्ध काम करने वाले नेताओं की समीक्षा के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपी गई है। एक-दो दिन में फैसला लेने के बाद जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

बगावत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने बगावत की। उनमें से कुछ ने बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़ा और पार्टी के खिलाफ काम किया। उन्होंने बताया कि लंबे समीक्षा अभियान के दौरान तैयार की गई रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को सौंप दी गई है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जो भी निर्णय लेने की जरूरत होगी, वह निर्णय एक-दो दिनों में बता दिया जाएगा।

तेजस्वी के बयान का किया समर्थन

इसी बीच सुधाकर सिंह ने तेजस्वी यादव के बयान 'बिहार में लोक हारा है और तंत्र जीता है' का समर्थन करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनमानस इस बात को मान रहा है कि बिहार में बेईमानी हुई है। आने वाले समय में इस बेईमानी को बिल्कुल खत्म किया जाएगा।

मतदाता सूची में सुधार के नाम पर लाखों-लाख मतदाताओं का नाम काट दिया गया। चुनाव से या चुनाव के दौरान मतदान हो रहे थे और लोगों के खाते में बिहार सरकार नगद पैसे ट्रांसफर कर रही थी। इस तरह से चुनाव हो तो कोई भी चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकता। इसमें तंत्र की भूमिका की समीक्षा होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न घटित हों।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर क्या बोले सुधाकर

सुधाकर सिंह ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस से इस्तीफा देने पर कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी पूर्व में बहुजन समाज पार्टी के नेता थे, जो बाद में कांग्रेस में आए। स्वाभाविक है कोई भी नेता जब दूसरे दल से आता है तो पार्टी सिस्टम को समझने में उसको वक्त लगता है। लेकिन कोई भी राजनीतिक दल किन परिस्थितियों में निर्णय लेता है, उस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही बता सकता है।