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मणिपुर हिंसा: हाथ पीछे बांध सिर पर मारी गोली, महिला सहित दो शव बरामद

Manipur Violence : मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान गोलियों के घाव के साथ एक महिला सहित दो शव मिले हैं।

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manipur violence /strong> : मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान गोलियों के घाव के साथ एक महिला सहित दो शव मिले हैं। पुलिस ने बताया कि मृतक मंगलवार से कांगचुप से लापता थे। एक अधेड़ उम्र की महिला का शव इंफाल पश्चिम जिले के ताइरेनपोकपी इलाके से बरामद किया गया। इसके साथ ही एक व्यक्ति का शव इंफाल पूर्वी जिले के ताखोक मापल माखा इलाके में मिला। व्यक्ति की उम्र करीब 40 साल है। इन हत्याओं को लेकर आदिवासियों की शीर्ष संस्था इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने कड़ी निंदा की है। मणिपुर में 3 मई, 2023 से हिंसा जारी है। अब तक 187 लोगों की मौत हो चुकी हैं और एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

मणिपुर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर इंफाल के दो मेडिकल कॉलेजों में भेज दिया है। माना जा रहा है मृत महिला उन चार लापता व्यक्तियों में से एक थी, जिन्हें हाल ही में इंफाल पश्चिम जिले के कांगचुप तलहटी से अज्ञात पुरुषों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। इसमें से तीन लोग एक सैनिक के परिवार के हैं। इनमें सैनिक की मां भी शामिल है।

इसी मंगलवार को चुराचांदपुर से लीमाखोंग तक एक कार में यात्रा कर रहे थे तब तीन महिलाओं सहित पांच लोगों का कांगचुप चिंगखोंग में क्रोधित भीड़ से सामना हुआ था। इसमें से चार लोगों को भीड़ जबरन अपने साथ ले गई। एक भागने में सफल रहा। एक व्यक्ति को बाद में सुरक्षाबलों ने बचा लिया और चिकित्सा उपचार के लिए हवाई मार्ग से दीमापुर ले जाया गया। भागने वाले व्यक्ति सहित अन्य चार व्यक्तियों का ठिकाना अज्ञात रहा।

म्यांमार सीमा सील
मणिपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से म्यांमार के 40 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मोरेह स्थित एकीकृत चेकपोस्ट पर उग्रवादियों की अंधाधुंध फायरिंग के बाद म्यांमार ने इंडो-म्यांमार बॉर्डर को सील कर दिया है। इसके कारण गेटों को बंद कर दिया गया हैं। मोरेह को म्यांमार के सैगंग राज्य के नामफालोंग जिले से जोड़ते हैं।

नहीं सुधर रही रही हालत
मणिपुर की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। घर से कार्यालय तक मैतेई, कुकी और नागा में बंटावार हो चुका है। कभी 16 जिलों में साथ रहने वाले मैतेई और कुकी ने अब अपने अपेन बहुलता वाले इलाके में चले गए हैं। अस्पताल से स्कूल तक में समुदाय का बंटावारा हो चुका है। स्कूली बच्चों की हालत खराब है। करीब 12 हजार बच्चों की पढ़ाई ठप है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
पांच महीने से पूरा प्रदेश सुरक्षाबलों की निगरानी में है। यहां 40 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। अब साढ़े छह हजार प्राथमिकी पुलिस दर्ज कर चुकी है। इसमें आगजनी से लेकर 71 हत्या के भी मामले हैं। इससे निपटने के लिए सीबीआई ने मोर्चा संभाल रखा है। कई इलाकों में अभी भी रात का कर्फ्यू जारी है।