22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चुनाव में हार के बाद टीएमसी में भगदड़! एक ही दिन में दो नेताओं सहित कई पार्षदों का पार्टी से इस्तीफा

Many TMC Leader Resign: पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। शांतनु सेन अरूप चक्रवर्ती समेत कई नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। नेताओं ने भ्रष्टाचार, आर.जी. कर मामले और नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोलकाता

•

image

Anurag Animesh

•

Updated: 28 May 2026, 8:19 PM IST

Many TMC Leader Resign

ममता बनर्जी(फोटो-IANS)

TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी हार के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के भीतर बेचैनी खुलकर दिखाई देने लगी है। पार्टी के कई नेता और पार्षद लगातार इस्तीफे दे रहे हैं, वहीं कुछ नेता अब खुलकर नेतृत्व पर सवाल भी उठा रहे हैं। गुरुवार को पार्टी को उस समय एक और बड़ा झटका लगा, जब पूर्व राज्यसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शांतनु सेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही पार्षद और पार्टी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

इस्तीफे के बाद नेताओं ने क्या कहा?


डॉक्टर से नेता बने शांतनु सेन ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा। अपने पत्र में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता ने पार्टी को जिन वजहों से नकारा है, उन मुद्दों का बचाव अब उनका अंतर्मन नहीं करने दे रहा। उन्होंने आर.जी. कर अस्पताल मामले, कथित भ्रष्टाचार और नौकरी घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा माहौल में प्रवक्ता बने रहना उनके लिए संभव नहीं है। दिलचस्प बात यह रही कि सत्ता परिवर्तन के बाद शांतनु सेन ने नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई भी दी थी। अरूप चक्रवर्ती ने हार के बाद पार्टी नेतृत्व के रवैये पर नाराजगी जताई थी। अरूप ने कहा कि अगर हार को स्वीकार ही नहीं किया जाएगा, तो पिछली जीतों का भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

कई पार्षदों ने भी छोड़ी पार्टी


बंगाल में कई पार्षदों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अरूप चक्रवर्ती के अलावा भवानीपुर इलाके से पार्षद देबोलीना बिस्वास ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भवानीपुर को लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इसके साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बंगाल के कई इलाकों में कई पार्षदों ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले भी एक साथ कई पार्षदों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया था।

सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी इस्तीफा दिया


हाल ही में पार्टी की वरिष्ठ नेता और बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। काकोली घोष ने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि काफी लंबे समय से मानसिक संघर्ष और अंदरूनी उहापोह के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है।