
15 जून 2020 को भारत-चीन सीमा पर स्थित गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए झड़प में शहीद हुए रीवा के लांसनायक दीपक सिंह की पत्नी रेखा सिंह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गई हैं। मेडिकल फॉर्मेलिटीज पूरी करने के बाद रेखा चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग लेंगी। रेखा ने बताया कि पति की शहादत के भी देशभक्ति का जज्बा था, इसलिए ही शिक्षक की नौकरी छोड़कर मैंने सेना में आने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि सेना में शामिल होने के सपने को लिए मैं तैयारी के लिए नोएडा आ गई। जहां से प्रवेश परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी की।
रेखा ने आगे बताया कि ट्रेनिंग और पढ़ाई के बाद भी पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली। बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी। दूसरे प्रयास में सफलता मिली। 28 मई से रेखा की चेन्नई में ट्रेनिंग शुरू होगी। एक साल की ट्रेनिंग के बाद वो सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर बहाल होगी। बताते चले कि मध्यप्रदेश के रीवा के फरेंदा निवासी लांसनायक दीपक सिंह का मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों दीपक की पत्नी रेखा ने ही यह सम्मान ग्रहण किया था।
बताते चले कि मात्र 30 साल की उम्र में दीपक सिंह ने देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। वो बिहार रेजिमेंट में लांसनायक के पद पर कार्यरत थे। 15 जून 2020 को लद्दाक की गलवान घाटी में हुए संघर्ष में 20 जवान शहीद हुए थे। इस संघर्ष में भारतीय सैनिकों ने चीनी सेनाओं का जमकर मुकाबला किया था। भारतीय सेनाओं के संघर्ष को देखकर चीनी सैनिक उल्टे पांव भाग गए थे। इस घटना में चीन के भी दर्जनों सैनिकों की मौत हुई थी।
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दूसरी तरफ रेखा ने पति की शहादत को याद करते हुए बताया कि शादी के बाद पहली बार होली के अवकाश पर घर आए थे। दीपक ने अपनी पत्नी के लिए कश्मीरी शॉल और लहंगा लाने का वादा किया था। शहीद होने से ठीक 15 दिन पूर्व ही दीपक सिंह ने अपने परिवार से फोन पर बात की थी। उसके बाद वह मां भारती की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। आज उनकी पत्नी रेखा ने जिस हौसले से सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया वो गौरवान्वित करने वाला है।
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Published on:
07 May 2022 05:28 pm

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