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देश का पहला ‘लेडीज स्पेशल’ रेलवे स्टेशन बना माटुंगा

मध्य रेलवे ने उपनगर माटुंगा को देश का पहला 'लेडीज स्पेशल' स्टेशन बना दिया है। यानी यहां पर सिर्फ महिला कर्मचारी ही काम करेंगी। महिलाओं को सशक्त बनाने की रेलवे ने यह नायाब पहल की है। 

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shachindra shrivastava

Jul 16, 2017

Matunga

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मुंबई। मध्य रेलवे ने उपनगर माटुंगा को देश का पहला 'लेडीज स्पेशल' स्टेशन बना दिया है। यानी यहां पर सिर्फ महिला कर्मचारी ही काम करेंगी। महिलाओं को सशक्त बनाने की रेलवे ने यह नायाब पहल की है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, महिलाएं इस स्टेशन पर पिछले दो सप्ताह से अपनी सेवाएं दी रहीं हैं। स्टेशन पर कुल 30 महिला कर्मचारी तैनात हैं। इनमें 11 बुकिंग क्लर्क के पद पर, जबकि पांच आरपीएफ कर्मी और सात टिकट कलक्टर (टीसी) हैं। ये सभी स्टेशन प्रबंधक ममता कुलकर्णी की देखरेख में दो हफ्ते से चौबीसों घंटे रेलवे स्टेशन के सभी परिचालनों को संभाल रही हैं। खास बात यह है कि ममता ने जब 1992 में मध्य रेलवे में नौकरी शुरू की थी, तब वह मुंबई डिवीजन के किसी रेलवे स्टेशन की पहली पहली महिला स्टेशन मास्टर थीं।


जादुई सा रहा अनुभवः महिला स्टेशन मास्टर
लेडीज स्पेशल स्टेशन की मास्टर (प्रबंधक) होने का गौरव प्राप्त करने वाली ममता का कहना है, हमारा अनुभव बहुत अच्छा रहा या कह सकते हैं कि कुछ जादुई सा रहा। रेलवे के साथ 25 वर्षों के अपने कॅरियर में मैंने कभी भी सभी महिला कर्मचारियों के साथ काम करने की नहीं सोची थी। शुरू में भले ही हमें कुछ परेशानियां हुईं, लेकिन अब नौकरी की जिम्मेदारी के रूप में हम आगे बढ़ रहे हैं। हम एक परिवार की तरह काम कर रहे हैं। जिम्मेदारी और सहयोग की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। वे बोलीं, उदाहरण के लिए कीर्ति कोठाणे को लें। उन्होंने कभी भी दुर्घटनाओं के मामलों को अपने हाथ में नहीं लिया था, लेकिन अब उन्होंने इस तरह के मामलों से निपटना सीख लिया है।