
Mob Lynching
Mob Lynching In Haryana: हरियाणा में चुनाव से पहले मॉब लिंचिग के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विपक्ष इसको लेकर चुनाव में मुद्दा बनाकर सामने रखेगा। हरियाणा के चरखी-दादरी जिले में बीफ (Beef) खाने के आरोप में एक व्यक्ति की भीड़ ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के आरोप में पुलिस ने गौरक्षा दल के 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल (West Bengal) के रहने वाले साबिर मलिक के रूप में हुई है। क्या आप जानते हैं भारत में मॉब लिंचिंग को लेकर क्या नियम है और इसके आरोपियों को क्या सजा मिलती है?
जब अनियंत्रित भीड़ की ओर से किसी दोषी को उसके किये अपराध के लिये तुरंत सजा दी जाए। कभी-कभी अफवाहों के आधार पर ही बिना अपराध किये भी तत्काल सजा दी जाए अथवा उसे पीट-पीट कर मार डाला जाए तो इसे भीड़ द्वारा की गई हिंसा या मॉब लिंचिंग कहते हैं।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के बीच चरखी दादरी में 27 अगस्त के दिन बीफ खाने के आरोप में एक प्रवासी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। गोरक्षा दल के सदस्यो को शक था कि शब्बीर खान (23) अपने साथी के साथ बीफ पकाकर खाया है। इस दौरान भीड़ ने उसे घेर लिया। इसके बाद फिर लाठी और डंडों से बुरी तरीके से मार-पीटकर है। एक अन्य घायल है। वहीं पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) पूरे देश में प्रभावी है। इन 3 कानून ने ब्रिटिश कालीन कानूनों क्रमश: भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है।
भारत में आए दिन मॉब लिंचिंग के मामले सामने आते रहते हैं। मॉब लिंचिंग के मामले में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर सरकार और विपक्ष दोनों सामने सामने आ रहे हैं। भारत में मॉब लिचिंग को सख्त कानून हैं। इसके साथ ही नए क्रिमिनल कानूनों में भी मॉब लिंचिंग पर अलग से कानून बनाया गया है। इस नए लॉ में शरीर पर चोट पहुंचाने वाली क्राइम धाराओं 100 से लेकर 146 तक का जिक्र किया गया है। इन लॉ के चलते मॉब लिंचिंग के मामले में न्यूनतम 7 साल की कैद हो सकती है। इसके अलावा हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। साथ ही इसमें उम्रकैद या फांसी की सजा का भी प्रावधान दिया है। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है, धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। BNS में मर्डर के लिए धारा 101 में सजा का प्रावधान है। धारा 101(1) कहती है, अगर कोई व्यक्ति हत्या का दोषी पाया जाता है तो तो उसे आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा तक हो सकती है। वहीं उसपर जुर्माना भी लगाया जाएगा। साथ ही इसमें दो सब-सेक्शन भी हैं।
Updated on:
03 Sept 2024 01:32 pm
Published on:
03 Sept 2024 01:30 pm
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