
केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (महिला आरक्षण बिल) गुरुवार को लंबी बहस के बाद 215/0 की पूर्ण बहुमत से पास हो गया। बता दें कि ये पहला ऐसा मौका है जब केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसी बिल के खिलाफ एक भी वोट नहीं पड़ा है। देश की लगभग सभी बड़ी पार्टियों ने इस बिल का समर्थन किया है। हालांकि राजद समेत कुछ पार्टियों ने बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की भी मांग की।
विरोेध में नहीं भी पड़ा एक भी वोट
विधायिका में आधी आबादी के 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर लाया गया बिल पास हो गया। बिल को लेकर गुरूवार को राज्यभा में जोरदार बहस हुई। हालांकि जब वोटिंग की बारी आई तो सभी दलों ने इसके समर्थन में वोट किया और राज्यसभा में मौजूद 215 सांसदों में से 215 सांसदों बिल के समर्थन में वोट किया।
बढ़ जाएगी महिलाओं की ताकत
मेघवाल ने विधेयक को पेश करते हुए कहा कि यह विधेयक महिला सशक्तीकरण से संबंधित विधेयक है। इसके कानून बन जाने के बाद 543 सदस्यों वाली लोकसभा में महिला सदस्यों की मौजूदा संख्या (82) से बढ़कर 181 हो जाएगी। इसके पारित होने के बाद विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही यह विधेयक पारित होगा तो फिर परिसीमन का काम निर्वाचन आयोग तय करेगा। मेघवाल ने पिछले नौ वर्षों में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए उपायों को याद किया।
कानून बनने से सिर्फ एक कदम दूर
महिला आरक्षण बिल राज्यसभा से पास होने के बाद अब कानून बनने से सिर्फ एक कदम दूर है। जैसे ही ये बिल राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा और वह इस बिल पर अपनी दस्तख्त कर देंगी। बिल कानून में तबदील हो जाएगा।
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Published on:
21 Sept 2023 10:38 pm
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