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कांग्रेस का कुप्रबंधन एक्सपोज करेगी माेदी सरकार, एक दिन बढ़ाया गया संसद का सत्र

Modi government will bring white paper: मोदी सरकार अपनी सरकार और मौजूदा लोकसभा के अंतिम सत्र में जाते-जाते एक बार फिर पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के कथित आर्थिक कुप्रबंधन को उजागर करेगी।

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  Modi government will expose mismanagement of Congress Parliament session extended by one day

मोदी सरकार अपनी सरकार और मौजूदा लोकसभा के अंतिम सत्र में जाते-जाते एक बार फिर पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के कथित आर्थिक कुप्रबंधन को उजागर करेगी। इसके लिए मनमोहन सरकार के 10 साल के कार्यकाल की आर्थिक स्थिति के बारे में संसद में श्वेत पत्र लाया जाएगा। श्वेत पत्र की तैयारी के लिए संसद का सत्र एक दिन बढ़ाया गया है। अब संसद सत्र शुक्रवार के बजाय शनिवार तक चलेगा। श्वेत पत्र शुक्रवार या शनिवार को पेश किया जा सकता है। श्वेत पत्र के जरिये मोदी सरकार बताएगी कि किस तरह से मनमोहन सरकार के 10 साल में खराब आर्थिक नीतियों और गलत फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।

...ताकि सीखें सबक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा था कि सरकार 2014 तक हम कहां थे और अब कहां है, के बारे में सदन में श्वेत पत्र पेश करेगी, यह सिर्फ इसलिए कि उन वर्षों के कुप्रबंधन से सबक सीखा जा सके।

कांग्रेस को घेरेगी मोदी सरकार

संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से लेकर शुक्रवार 9 फरवरी 2024 तक जारी रहने वाला था। हालांकि, अब इस सत्र को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। संसद का वर्तमान सत्र शनिवार 10 फरवरी को समाप्त होगा। इस सत्र के आखिरी दिन मोदी सरकार ने कांग्रेस समेत उसके सहयोगी दलों पर बड़ा हमला करने की तैयारी की है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र की मोदी सरकार शनिवार 10 फरवरी को संसद में तत्कालीन कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए गठबंधन की सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन पर श्वेत पत्र लाने जा रही है। आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला।

क्या होगा मोदी सरकार के श्वेत पत्र में?

मोदी सरकार संसद के वर्तमान सत्र में शनिवार को यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन श्वेत पत्र लाएगी। संसद का सत्र भी इसी वजह से एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। ANI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, श्वेत पत्र में यूपीए सरकार के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन पर श्वेत पत्र के माध्यम से भारत की आर्थिक बदहाली और अर्थव्यवस्था पर इसके नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। वहीं, इसमें उस समय उठाए जा सकने वाले सकारात्मक कदमों के असर के बारे में भी बात की जाएगी।

2004 से 2014 तक था यूपीए का शासन

कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूपीए ने साल 2004 और 2009 में लोकसभा चुनाव के बाद देश में सरकार बनाई थी। हालांकि, 10 साल के कार्यकाल में सरकार को कई घोटालों के आरोप झेलने पड़े थे। साल 2014 में वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था।

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