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मनी लॉन्ड्रिंग मामला : हाईकोर्ट ने पत्रकार राजीव शर्मा को दी जमानत, जासूसी के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को जमानत दे दी। राजीव शर्मा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीनी खुफिया अधिकारियों को कथित रिसाव और संवेदनशील जानकारी की आपूर्ति से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
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नई दिल्ली

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Shaitan Prajapat

•

Updated: 7 Jan 2022, 1:57 PM IST

 journalist Rajeev Sharma

journalist Rajeev Sharma

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को जमानत दे दी। राजीव शर्मा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चीनी खुफिया अधिकारियों को कथित रिसाव और संवेदनशील जानकारी की आपूर्ति से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने पत्रकार की जमानत याचिका पर आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को जमानत दे दी गई है। शर्मा के वकील ने पहले प्रस्तुत किया था कि कथित मनी लॉन्ड्रिंग का मामला आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (ओएसए) में उन्हें 2020 में डिफ़ॉल्ट जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

चीनी मीडिया के लिए भी लिखे आर्टिकल
आपको बता दें कि राजीव शर्मा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि रक्षा संबंधी अहम गोपनीय सूचनाएं चीनी खुफिया एजेंसी को देकर उन्होंने डेढ़ साल में 40 लाख रुपए कमाए थे। राजीव शर्मा को प्रत्येक सूचना के बदले 1000 डॉलर मिलते थे। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया था कि राजीव शर्मा चीनी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' में रक्षा मामलों पर लेख लिखते थे और साल 2016 में चीनी एजेंट के संपर्क में आए थे। वह कुछ चीनी खुफिया अधिकारियों के संपर्क में भी थे।

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ये है पूरा मामला
दिल्ली पुलिस ने र्नलिस्ट राजीव शर्मा को चीन की खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से पैसे लेकर देश की रक्षा, सैन्य खरीद, सीमाओं पर सेना की योजना से जुड़े दस्तावेज देने के आरोप में 14 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद में पुलिस ने एक चीनी महिला और नेपाली युवक को भी गिरफ्तार किया था। इन पर शेल कंपनियों के माध्यम से पत्रकार राजीव शर्मा को बड़ी मात्रा में रुपये देने का आरोप है। इस मामले में 60 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं किए जाने के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 दिसंबर 2020 को शर्मा की जमानत मंजूर कर ली थी। राजीव शर्मा ने हाईकोर्ट से कहा था कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।