
Maharashtra weather forecast
Weather Update: देश में सामान्य से छह फीसदी ज्यादा बारिश की मेहरबानी कर मानसून सोमवार से लौटना शुरू होगा। लौटने की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के कच्छ क्षेत्र से होगी लेकिन लौटता मानसून भी मध्य और दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों को भिगोकर जाएगा। मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि मानसून के लौटने की अनुकूल परििस्थतियां बन गई हैं। वैसे तो पूर्वी भारत को छोड़कर मानसून पूरे देश में कमोबेश झूम कर बरसा लेकिन कभी सूखे को स्थाई मेहमान बताने वाले राजस्थान में सामान्य औसत बारिश से सर्वाधिक 58 फीसदी ज्यादा बरसात हुई। देश में शुक्रवार तक सामान्य औसत बारिश 82.72 सेमी के मुकाबले इस बार 87.59 सेमी बरसात हुई जो पूरे सीजन के आंकड़े (86.86 सेमी) से भी ज्यादा है। मध्यप्रदेश में सामान्य से 15% तथा छत्तीसगढ़ में 6% ज्यादा बरसात हुई।
मानसून इस बार केरल और पूर्वाेत्तर भारत में एक साथ 30 मई को आया जो उसके आगमन की सामान्य तिथि से दो दिन पहले था। मानसून लौटने की सामान्य तिथि 17 सितंबर से छह दिन देरी से जाएगा। मानसून दो जुलाई को पूरे देश पर छा गया था।
मानसून सीजन में अब तक, मध्य और दक्षिणी भारत में सामान्य से अधिक, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य, तथा उत्तर-पूर्वी भारत में सामान्य से कम बारिश हुई। राज्यवार केवल सात राज्यों व यूटी, बिहार, पंजाब, नगालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में औसत से कम बरसात हुई।
देश में मानसून की मेहरबानी के चलते इस बार खरीफ की बुवाई का रकबा भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा हुई है। पिछले साल खरीफ सीजन में 1072.94 लाख हैक्टेयर में बुवाई की गई थी जबकि इस बार 17 सितंबर तक 1096.65 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है। खास बात यह है कि कृषि मंत्रालय 1096 लाख हैक्टेयर को ही बुवाई योग्य क्षेत्र मानता है। कपास और जूट को छोड़कर अन्य सभी फसलों चावल, दलहन, तिलहन और मोटा अनाज का रकबा बढ़ा है।
किस क्षेत्र पर कितना मेहरबान(औसत बारिश से विचलन राज्यों/यूटी में)
क्षेत्र------ज्यादा-----सामान्य------कम
उत्तर-पश्चिमी भारत----3---4---3
मध्य भारत----4----3----0
दक्षिण भारत---5---3---0
उत्तर-पूर्वी भारत---0---7----4
कुल---12--17--7
Published on:
22 Sept 2024 08:14 am

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