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एक महीने के बच्चे को 50 हजार में बेचा, कहानी सुनकर अधिकारियों को आ गई दया! जब CM तक पहुंची बात तो…

झारखंड में गरीबी के चलते माता-पिता ने अपने एक महीने के बच्चे को 50 हजार में बेच दिया! मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने बच्चे को बरामद कर लिया। माँ की बीमारी और आर्थिक तंगी ने उन्हें ये कठोर कदम उठाने पर मजबूर किया। सरकार अब परिवार को आर्थिक मदद और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में जुटी है।

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रांची

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Mukul Kumar

Sep 07, 2025

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- IANS)

झारखंड के मेदनीनगर में एक महीने के बच्चे को उसके माता-पिता ने गरीबी की वजह से महज 50 हजार में बेच दिया। यह बात सीएम हेमंत सोरेन तक पहुंच गई। जिसके बाद उन्होंने आनन-फानन में पुलिस को तुरंत बच्चे को किसी भी तरह से बचाने का निर्देश जारी किया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकरी दी कि दंपती ने गरीबी के कारण अपने बच्चे का सौदा कर दिया था, जिसे अब बचा लिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही मामला सामने आया, पलामू जिला प्रशासन ने लोटवा गांव में उस गरीब परिवार को 20 किलो अनाज उपलब्ध कराया।

इसके अलावा, वह सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें, इसके लिए तमाम जगहों पर नामांकित करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि दंपती ने पड़ोस के गांव में ही एक दलाल पति-पत्नी को अपना बच्चा बेच दिया था।

प्रसव के बाद से पत्नी थी बीमार

बच्चे के पिता का कहना है कि प्रसव के बाद से ही उसकी पत्नी बीमार है। जिसका इलाज कराने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। मजबूरी में उसने ऐसा कदम उठाया।

बच्चे के पिता की पहचान रामचंद्र राम के रूप में हुई है। जबकि माता का नाम पिंकी देवी बताया जा रहा है। रामचंद्र दिहाड़ी मजदूर है। भारी बारिश के कारण पिछले कई दिनों से उसे काम नहीं मिल रहा था। जिसकी वजह से उसके पास पत्नी के इलाज तो दूर, खाने तक के पैसे नहीं बचे थे।

पैसा देकर बच्चे को लेकर चले गए थे बिचौलिया

पैसा चुकाने के बाद बिचौलिया दंपती बच्चे को लातेहार जिले में लेकर चले गए थे। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। रामचंद्र मूल रूप से यूपी के मिर्जापुर का रहने वाला है। उसकी पत्नी पिंकी देवी लोकल थी। जिसकी वजह से वह वहीं बस गया।

अधिकारियों ने बताया कि रामचंद्र और पिंकी देवी के पास आधार या राशन कार्ड तक नहीं थे। उन्हें किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है।

बच्चे की मां ने क्या कहा?

दूसरी तरफ, पिंकी देवी ने बताया कि उसके पिता ने उन्हें थोड़ी सी जमीन दी थी, जिसपर वह एक झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। जो बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। पिंकी देवी ने छप्पर के नीचे ही एक बच्चे को जन्म दिया था और तब से वह बीमार है।

पुलिस ने बताया कि बच्चे का पता लगाने के लिए एक टीम को लातेहार भेजा गया था और रविवार को उसे बचा लिया गया। हेमंत सोरेन ने पहले पलामू के उपायुक्त को उचित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब अधिकारी गरीब दंपती को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका समाधान करने में जुट गए हैं। उनके आधार और राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।