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कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी के NGO का लाइसेंस रद्द, IT रेड के बाद गृह मंत्रालय का एक्शन

Manishankar Aiyar Daughter's Yamini NGO CPR: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार एक मार्च को कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी के एनजीओ सीपीआर का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी यामिनी अय्यर के नेतृत्व में चलने वाली यह एनजीओ एक थिंक टैक संस्था के रूप में काम करती थी।

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Months after I-T 'surveys', Centre suspends think tank CPR's FCRA license

Manishankar Aiyar Daughter's Yamini NGO CPR: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी यामिनी अय्यर के एनजीओ का लाइसेंस केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को रद्द कर दिया है। यामिनी अय्यर सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) नामक एनजीओ चलाती हैं। यह संस्था एक थिंकटैक के रूप में काम करता है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) का एफसीआरए लाइसेंस निलंबित कर दिया। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी यामिनी अय्यर इस एनजीओ की अध्यक्ष और सीईओ हैं। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ देश के कई अन्य शहरों में सीपीआर का दफ्तर है। यह संस्था मूल रूप में नीतियों के रिसर्च का काम करती है। पिछले साल इस संस्था पर आयकर विभाग ने दबिश दी थी। जिसके बाद अब सीपीआर का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।


सीपीआर एक गैर लाभकारी संगठन-


सीपीआर एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसे भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) से भी अनुदान प्राप्त होता है। सीपीआर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की एक मान्यता प्राप्त संस्था है। अधिकारियों ने कहा कि थिंक टैंक को एफसीआरए कोष के बारे में स्पष्टीकरण और दस्तावेज देने के लिए कहा गया है। सीपीआर का एफसीआरए लाइसेंस अंतिम बार 2016 में नवीनीकृत किया गया था और 2021 में नवीनीकरण कराया जाना था।

पिछले साल सितंबर में पड़ा था IT का छापा-

पिछले साल सितंबर में, आयकर विभाग ने कथित कर चोरी के संबंध में सीपीआर के कार्यालय और दो और गैर सरकारी संगठनों-ऑक्सफैम इंडिया, बेंगलुरु स्थित गैर-लाभकारी स्वतंत्र और सार्वजनिक-उत्साही मीडिया फाउंडेशन (आईपीएसएमएफ) पर तीन दिनों तक तलाशी अभियान चलाया।

राजनीतिक दलों को चंदे में मिलने वाले रुपए की कर चोरी से जुड़ा मामला

आई-टी विभाग के सूत्रों ने दावा किया था कि राजनीतिक दलों को चंदे की आड़ में करोड़ों रुपये की कर चोरी का पता चला था। एंट्री ऑपरेटर आई-टी अधिकारियों के रडार पर थे। आई-टी टीम को भारत के चुनाव आयोग की एक रिपोर्ट से पता चला था कि कुछ राजनीतिक दलों को नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए डेटा एंट्री ऑपरेटरों के माध्यम से चंदा दिया गया था। आई-टी सूत्रों ने उस समय दावा किया था, यह मूल रूप से धोखाधड़ी सह कर चोरी थी जो राजनीतिक दलों को दान के नाम पर की गई थी।

CPR का दावा- हमले कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया

हालांकि तब फर्म ने दावा किया था कि उन्होंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है। थिंक टैंक सीपीआर ने कहा था कि उन्होंने छापेमारी में एजेंसी को पूरा सहयोग किया। यामिनी अय्यर ने उस समय कहा था, आयकर विभाग ने 7 और 8 सितंबर, 2022 को सीपीआर का सर्वेक्षण करने के लिए हमारे कार्यालय का दौरा किया। हमने सर्वे के दौरान विभाग को पूरा सहयोग दिया और आगे भी करते रहेंगे।