Nisith Pramanik Convoy Attack: बीते माह पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक के काफिले पर हमला हुआ था। हमले में मंत्री को चोट तो नहीं आई लेकिन इस मामले में राजनीतिक तूल खूब पकड़ा। अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।
Nisith Pramanik Convoy Attack: पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक के काफिले पर हुए हमले की जांच अब सीबीआई करेगी। मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआई को जांच के आदेश दिए। इस मामले में हाईकोर्ट में बंगाल के बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने याचिका दायर की थी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला दिया। पीठ ने सीबीआई को उस दिन के घटनाक्रम का पता लगाने का निर्देश दिया है। मामले में भाजपा का आरोप है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के काफिले पर हमला किया। जबकि बंगाल सरकार ने कोर्ट में पेश अपनी रिपोर्ट में उस रोज की हिंसा के पीछे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के साथ आए सहयोगियों को जिम्मेदार बताया है।
बंगाल में केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमला, जानिए क्या है पूरा मामला-
बंगाल के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक के काफिले का हमले का यह मामला 25 फरवरी 2023 का है। उस रोज कूचबिहार में दिनहाटा विधानसभा क्षेत्र के बुरिहाट में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर प्रमाणिक के वाहन पर उस समय हमला किया गया, जब वह इलाके से गुजर रहा था। स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब तृणमूल और भाजपा समर्थक आपस में भिड़ गए। पथराव किया गया, जिसके चलते प्रमाणिक की कार का शीशा तोड़ दिया।
मंत्री का दावा- टीएमसी कार्यकर्ताओं ने देसी बम भी फेंके
हालांकि, सुरक्षाकर्मियों के कारण मंत्री को कोई चोट नहीं आई। प्रमाणिक ने आरोप लगाया कि पत्थर और ईंटों के अलावा, सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले, उनके सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय भाजपा समर्थकों को निशाना बनाते हुए देशी बम भी फेंके। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के दावे के बाद राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी टीएमसी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था।
निशीथ के काफिले पर हुए हमले में खूब हुई सियासत-
16 मार्च को, राज्य सरकार ने इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ को एक रिपोर्ट सौंपी, जहां हिंसा भड़काने के लिए केंद्रीय मंत्री के काफिले के साथ आए सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया गया। केंद्र सरकार ने जल्द ही इस मामले में अपने तर्कों को बताते हुए एक जवाबी हलफनामा दायर किया। आखिरकार मंगलवार को खंडपीठ ने मामले की सीबीआई जांच का निर्देश दिया।
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