
मुंबई आतंकी हमले में हेमंत करकरे की शहादत पर पर भले राजनेता अपनी सियासी रोटियां सेंकने में व्यस्त हैं लेकिन आज ही वह दिन है जब 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले में जिंदा बचे एक आतंकी अजमल कसाब को उसके गुनाहों की सजा दी गई थी। अदालत ने उसे मौत की सजा मुकर्रर की थी। भारत के इतिहास में छह मई का दिन आतंक की खौफनाक किताब से जुड़ा है। इसी दिन 2010 में आतंकी को मौत की सजा अदालत ने सुनाई थी।
मुंबई में 26 नवंबर 2008 का वह दिन आज भी रोंगटे खड़े कर देता है। देश की आर्थिक राजधानी अपने रौ में दौड़ रहा था कि आतंकियों ने बमबाजी और गोलियों की तड़तड़ाहट से इसे लहूलुहान कर दिया। इसकी शांति छीन ली चारो तरफ कोहराम और चीत्कार मचा दिया। हर तरफ लाशें बीछी थी। इनकी संख्या इतनी थी कि उस समय कोई गिनने की भी हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
मुंबई पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की लेकिन इसी कार्रवाई में हेमंत करकरे की पूरी टीम आतंकियों की गोलीबारी का शिकार हो गई। हालांकि कि सुरक्षाबलों ने नौ आतंकवादियों को मार गिराया और अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने में सफलता मिली। इस हमले में कुल 166 लोग मारे गए थे और सैकड़ों अन्य घायल हुए।
Updated on:
06 May 2024 12:27 pm
Published on:
06 May 2024 12:24 pm
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