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टीएमसी नेता को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत, गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी का आरोप

BJP Complains to EC Against Kalyan Banerjee: पश्चिम बंगाल में भाजपा ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी का कहना है कि यह बयान आचार संहिता का उल्लंघन है और चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है, जिस पर कार्रवाई की मांग की गई है।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 05, 2026

Bengal Elections 2026

Bengal Elections 2026

Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी गर्मी अब बयानबाजी के जरिए और तेज़ होती दिख रही है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। भाजपा का आरोप है कि कल्याण बनर्जी ने ऐसे बयान दिए हैं, जो न सिर्फ अपमानजनक हैं बल्कि माहौल को भड़काने वाले भी हैं। पार्टी का कहना है कि इन बयानों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेताओं के साथ-साथ उनके समर्थकों को निशाना बनाया गया है। भाजपा के मुताबिक, यह सब ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है।

भाजपा का दावा बयान से बिगड़ सकता है माहौल


भाजपा ने अपनी शिकायत में कहा है कि बनर्जी का बयान तेजी से लोगों के बीच फैल चुका है और इसमें ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है जो समाज में तनाव पैदा कर सकती है। पार्टी का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से चुनावी माहौल खराब हो सकता है और लोगों के बीच डर और असहजता बढ़ सकती है। भाजपा ने यह दावा किया कि कोई एक बयान को लेकर शिकायत नहीं है बल्कि लगातार अलग-अलग तरह की बयानबाजी की जा रही है। पार्टी के अनुसार, टीएमसी के कई नेता लगातार इसी तरह के विवादित बयान दे रहे हैं। भाजपा का कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है, जिसका मकसद चुनाव के दौरान माहौल को ध्रुवीकृत करना है।

आचार संहिता का उल्लंघन-बीजेपी

शिकायत में भाजपा ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी नेता को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जो नफरत या आपसी टकराव को बढ़ावा दें। आलोचना हो सकती है, लेकिन वह नीतियों और कामकाज तक सीमित रहनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत हमलों तक। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी नेताओं के बयान सीधे-सीधे उनकी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए दिए जा रहे हैं। साथ ही, इससे चुनाव प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।

कानूनी पहलुओं का भी जिक्र

अपने पत्र में भाजपा ने यह भी कहा है कि कल्याण बनर्जी के बयान कुछ कानूनी धाराओं के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं। पार्टी ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस तरह की बयानबाजी चुनावी अधिकारों पर असर डाल सकती है।