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US-Israel-Iran-War: डोनाल्ड ट्रंप के ‘डेडलाइन’ के बाद नरम पड़ा ईरान? अब ओमान की तरफ से मिला ये संकेत

Hormuz Strait crisis: ईरान-ओमान बैठक के बाद होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की संभावना बढ़ी। अमेरिका-इजरायल हमले के बीच ऊर्जा संकट, ट्रंप की चेतावनी और भारत समेत 5 देशों को राहत की पूरी खबर पढ़ें।

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Strait of Hormuz Crisis

ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बैठक की (File Photo - IANS)

Iran-Oman on Hormuz Strait: ईरान पर 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। इसका असर न केवल वैश्विक ऑयल मार्केट पर पड़ रहा है, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट में तेल-गैस के जहाजों की सीमित आवाजाही के कारण कई देशों को घरेलू स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच, रविवार को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के संबंध में एक अच्छी खबर सामने आई है।

दरअसल, ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बैठक की। यह जानकारी ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दी। दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के उपमंत्री-स्तरीय बैठक में विशेषज्ञ भी मौजूद थे। इस बैठक में होर्मुज़ स्ट्रेट से सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के संभावित विकल्पों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने कई विचार और सुझाव प्रस्तुत किए।

होर्मुज़ स्ट्रेट पर ट्रंप ने दी थी धमकी

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 अप्रैल को ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देते हुए कहा था कि यदि तय समयसीमा का पालन नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पहले ही समय दिया गया था, लेकिन यदि यह डेडलाइन पार हुई तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा।

वैसे, ट्रंप कई बार आक्रामक रुख अपनाते हैं तो कभी अपनी ही बातों से पलट जाते हैं। वे विरोधाभासी बयान देकर चौंकाते रहे हैं। उन्होंने पहले कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुले या नहीं, इससे अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ता। बाद में उन्होंने अपने रुख में बदलाव करते हुए ईरान को स्ट्रेट खोलने के लिए डेडलाइन दे दी।

होर्मुज स्ट्रेट से 5 देशों के जहाजों को छूट

ईरान ने भारत समेत पांच देशों को होर्मुज स्ट्रेट से निर्बाध आवाजाही की अनुमति दी है। भारत के अलावा इनमें रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान शामिल हैं। वहीं, अमेरिका और इज़रायल के जहाजों के लिए इस मार्ग पर रोक लगा दी गई है।

ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपने नियंत्रण की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग भी कर रहा है। खास बात यह है कि स्ट्रेट पर टोल लगाने के लिए कानूनी तैयारी भी कर ली गई है।