
नई दिल्ली। मैसूर जिले के नंजांगुड तालुक में एक मंदिर को गिराए जाने से राजनीतिक मुद्दा गरमा गया है। मंदिर गिराए जाने से नाराज भाजपा के विधायक एस.ए. रामदास ने कहा कि वह अवैधानिक (अथवा अवैध) रूप से कर्नाटक में बनाए गए हिंदू मंदिरों को नियमित करने के लिए एक निजी बिल विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस बिल का उद्देश्य कर्नाटक में सभी हिंदू मंदिरों को नियमित दर्जा देना होगा। रामदास ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई से बात कर ली है और इस बिल को 23 सितंबर को विधानसभा में रखा जाएगा।
रामदास ने कहा कि वह इस संबंध में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया तथा अन्य विपक्षी दलों यथा जनता दल (सेक्युलर) तथा अन्य सभी नेताओं से भी बात कर समर्थन प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरे बिल का उद्देश्य लोगों की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना तथा सामाजिक ढांचे को मजबूत करना है। इस बिल के जरिए राज्य के सभी अपंजीकृत मंदिरों को वैध दर्जा दिया जा सकेगा।
रामदास ने आगे कहा कि मंदिर हमारी संस्कृति के सामाजिक केन्द्र हैं अत: उनकी संपत्ति तथा उनकी रक्षा करना हमारा दायित्व है। बिल में 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं को जोड़ा गया है। इसमें एक बिंदु यह भी है कि प्रत्येक तालुक में एक सक्षम अधिकारी की भी नियुक्ति की जाए जो अपने क्षेत्र में अपंजीकृत मंदिरों की वैधता को बहाल करने के लिए आने वाले आवेदन ले सकें। इसके साथ ही उनका पूरा रिकॉर्ड देखते हुए आगे कार्यवाही के लिए अपना सुझाव दे सकें।
भाजपा विधायक ने कहा कि इस निजी बिल को विधानसभा में पास किया जा सकता है अथवा इसे सरकारी बिल के रूप में भी बदल कर पेश किया जा सकता है परन्तु इस बात का निर्णय मुख्यमंत्री बोम्मई ही करेंगे।
Published on:
19 Sept 2021 11:30 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
