
राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' नाम से जगह-जगह युवाओं के बीच कार्यक्रम कर रहे हैं। (फ़ाइल फोटो- एएनआई)
साल 2026 का संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत पर संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करने की रस्म निभाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी पर उनकी उम्र के बहाने तंज़ कसा।
बता दें कि मानसून सत्र ऐसे समय में शुरू हुआ जब जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले युवा कई दिन से आंदोलन कर रहे हैं। 20 जुलाई को उन्होंने संसद मार्च की कोशिश भी की, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया। इनकी मांगों के समर्थन में सोनम वांगचुक 21 दिन से अनशन पर थे। मुख्य मांगें हैं- NEET परीक्षा पर्चा लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था को सुधारने के कदम उठाए जाएं और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को हटाया जाए।
राहुल गांधी भी लगातार ये मुद्दे उठा रहे हैं और जगह-जगह जाकर युवाओं के बीच अपनी बात रख रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की टिप्पणी की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी।
इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच हकीकत पर नजर डालें तो इस समय राहुल गांधी की जो उम्र (56 साल) है, वह मौजूदा लोक सभा में सांसदों की औसत आयु है। पहली लोक सभा की तुलना में यह दस साल बढ़ गई है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक 70 साल से ज्यादा उम्र के सांसदों का प्रतिशत इस 18वीं लोक सभा में सबसे ज्यादा (आठ प्रतिशत) है। पहली से अठारहवीं लोक सभा में उम्रवार सांसदों का प्रतिशत आप इस टेबल में देख सकते हैं।
| लोकसभा | चुनाव वर्ष | 25-40 वर्ष (%) | 41-55 वर्ष (%) | 56-70 वर्ष (%) | 70 वर्ष से अधिक (%) | सांसदों की औसत आयु (वर्ष) |
| पहली | 1952 | 26% | 54% | 20% | 0% | 46.5 |
| दूसरी | 1957 | 23% | 54% | 22% | 1% | 46.7 |
| तीसरी | 1962 | 18% | 55% | 25% | 2% | 49.4 |
| चौथी | 1967 | 20% | 54% | 24% | 2% | 48.7 |
| पांचवीं | 1971 | 17% | 54% | 26% | 3% | 49.2 |
| छठी | 1977 | 12% | 46% | 35% | 7% | 52.1 |
| सातवीं | 1980 | 16% | 50% | 30% | 4% | 49.9 |
| आठवीं | 1984 | 16% | 48% | 32% | 4% | 51.4 |
| नौवीं | 1989 | 15% | 49% | 31% | 5% | 51.3 |
| दसवीं | 1991 | 13% | 49% | 33% | 5% | 51.4 |
| ग्यारहवीं | 1996 | 12% | 45% | 37% | 6% | 52.8 |
| बारहवीं | 1998 | 13% | 50% | 32% | 5% | 46.4 |
| तेरहवीं | 1999 | 14% | 46% | 34% | 6% | 55.5 |
| चौदहवीं | 2004 | 12% | 42% | 39% | 7% | 52.7 |
| पंद्रहवीं | 2009 | 14% | 43% | 36% | 7% | 53.0 |
| सोलहवीं | 2014 | 8% | 45% | 40% | 7% | 56.0 |
| सत्रहवीं | 2019 | 12% | 42% | 40% | 6% | 59.0 |
| अठारहवीं (वर्तमान) | 2024 | 11% | 38% | 43% | 8% | 56.0 |
राहुल गांधी 2024 में 25 जून को लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition - LoP) बनाए गए थे। तब वह 54 साल के थे। इससे कम उम्र में नेता प्रतिपक्ष बनने का रिकॉर्ड उनकी मां और पिता के अलावा राम सुभग सिंह के पास ही है। सुषमा स्वराज, शरद पवार और सीएम स्टीफन क्रमशः 57, 58 और 60 की उम्र में नेता प्रतिपक्ष बने थे।
| नाम (Name) | लोक सभा (Lok Sabha) | उम्र (Age) | कार्यकाल (Tenure) |
| राजीव गांधी | 10वीं लोक सभा | 45 वर्ष | 1989-90 |
| राम सुभग सिंह | चौथी लोक सभा | 52 वर्ष | 1969-70 |
| सोनिया गांधी | 13वीं लोक सभा | 53 वर्ष | 1999-2004 |
| राहुल गांधी | 18वीं लोक सभा | 54 वर्ष | 2024 |
| सुषमा स्वराज | 15वीं लोक सभा | 57 वर्ष | 2009-14 |
| शरद पवार | 12वीं लोक सभा | 58 वर्ष | 1998-99 |
| सी. एम. स्टीफन | 7वीं लोक सभा | 60 वर्ष | 1978-79 |
लोक सभा में एक LoP 80 साल की भी हुईं। वह थीं गंगा देवी। वह महज 15 दिन के लिए नेता प्रतिपक्ष रही थीं।
लोक सभा में 1969 से पहले औपचारिक रूप से कोई नेता प्रतिपक्ष नहीं होता था। 1969 में राम सुभग सिंह पहले LoP बने। 1977 में इस पद को कानून बना कर औपचारिक रूप से मान्यता दी गई। पहले लोक सभा अध्यक्ष जीवी मावलंकर ने एक नियम बनाया था कि कम से कम दस प्रतिशत (54) या सबसे ज्यादा सीटें पाने वाली विपक्षी पार्टी के नेता को LoP का दर्जा दिया जाएगा। 1977 में बने कानून के बाद दस फीसदी सीट वाली अनिवार्यता लागू नहीं रही।
Updated on:
20 Jul 2026 06:47 pm
Published on:
20 Jul 2026 06:46 pm
