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TCS कांड में सख्त कार्रवाई, निदा खान की मदद करने वाले AIMIM पार्षद मतीन पटेल के ठिकानों पर चला बुलडोजर

Nashik TCS BPO Conversion Case: नासिक में TCS कर्मचारी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में AIMIM पार्षद के घर और कार्यालय पर बुलडोजर चलाया है।

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TCS Case

TCS कांड में बड़ी कार्रवाई (Patrika Graphics)

Nashik Bulldozer Action: महाराष्ट्र के नासिक में TCS कर्मचारी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक तूल पकड़ लिया है। मुख्य आरोपी निदा खान (Nida Khan) की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में AIMIM के पार्षद अब्दुल मतीन पटेल (Abdul Mateen Patel) का नाम सामने आने के बाद नगर निगम की ओर से उनके घर और कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है।

मतीन पटेल पर क्या हैं आरोप?

पुलिस के अनुसार, मतीन पटेल पर आरोप है कि उन्होंने मुख्य आरोपी निदा खान को नारेगांव स्थित कौसर पार्क इलाके में अपने आवास पर कथित रूप से शरण दी थी। इस आधार पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए कई पहलुओं पर जांच जारी है और आगे और भी कार्रवाई संभव है।

अवैध निर्माण के आरोप पर चला बुलडोजर

इसी बीच नगर निगम ने दावा किया कि पार्षद के घर और कार्यालय का निर्माण नियमों के विरुद्ध किया गया था। इसके चलते तीन दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद बुधवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निगम की टीम ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

मौके पर दिखा अनोखा दृश्य

कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। इलाके की कुछ महिलाएं मौके पर पहुंचीं और नगर निगम अधिकारियों का फूलों से स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने संविधान की प्रतियां भी भेंट कीं। महिलाओं का कहना था कि कानून का पालन होना चाहिए, लेकिन किसी भी कार्रवाई को संविधान और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में रहकर ही अंजाम दिया जाना चाहिए। उनका यह शांतिपूर्ण विरोध चर्चा का विषय बन गया।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। AIMIM नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि प्रशासन का पक्ष है कि यह पूरी तरह अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार की गई कार्रवाई है।

मामले की जांच जारी

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, निदा खान से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर आगे भी कई अहम खुलासे और संभावित कार्रवाई हो सकती है।