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झारखंड के हजारीबाग में नक्सलियों ने मचाया उत्पात, रेलवे के काम में लगी चार गाड़ियों को फूंका

Jharkhand News : झारखण्ड के हजारीबाग जिले के नक्सलियों और माओवादियों ने रेलवे निर्माण कार्य में लगे चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

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Jharkhand News : एक तरफ केन्द्रीय गृह मंत्रालय, झारखंड के सीएम और डीजीपी कह रहे हैं कि राज्य में माओवादी, नक्सली अंतिम सांस गिन रहे हैं तो दूसरी तरफ ये नक्सली घटनाओं को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति के बारे में पुलिस और प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। माना जा रहा है कि रंगदारी की मांग को लेकर वारदात को अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन की संख्या में नक्सली कठौतिया-टोरी चंदवा रेल लाइन के निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे दो हाइवा, एक पेलोडर और पिकअप वाहन को जला दिया। सभी जले हुए वाहन रेलवे कंपनी के बताए जा रहे हैं।


डेढ़ महीने के भीतर तीसरी घटना

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी हुई है और माओवादियों के खिलाफ सर्च अभियान चला रही है। झारखंड में पिछले डेढ़ महीने के भीतर रेलवे कंस्ट्रक्शन साइट पर नक्सलियों का यह तीसरा हमला है। इसके पहले 25 सितंबर को रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज में रेलवे की कंस्ट्रक्शन साइट पर नक्सलियों ने हमला कर निर्माण कार्य में लगे तीन वाहनों और एक जेनरेटर को आग के हवाले कर दिया था।

रेलवे की परियोजनाएं हो रही बाधित

इसी तरह एक सितंबर को सिमडेगा जिले में कनरवा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की कंस्ट्रक्शन साइट पर प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई ने हमला कर एक पोकलेन मशीन को आग के हवाले कर दिया था। 23 अगस्त को पलामू में भी नक्सलियों ने एक रोड कन्स्ट्रक्शन साइट पर हमला कर आठ गाड़ियों को फूंक डाला था।

इसी तरह मई महीने में चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र शिवपुर-कठौतिया रेलवे लाइन में भी कन्स्ट्रक्शन साइट पर हमला कर एक पोकलेन मशीन में आग लगा दी गई थी। पूर्व में रेलवे रेलवे विकास निगम लिमिटेड रांची ने हमलों की लगातार हो रही घटनाओं पर राज्य सरकार के गृह विभाग को हाल में पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पत्र में ऐसी कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि इस वजह से रेलवे की कई परियोजनाएं बाधित हो रही हैं।