
राहुल गांधी (ANI)
NEET aspirant Akanksha Chaturvedi sucide: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने NEET परीक्षार्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि देश की भ्रष्ट और टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था का नतीजा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया है और उसकी कीमत देश की युवा पीढ़ी चुका रही है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर लगातार विवाद बना हुआ है।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। उन्होंने बताया कि आकांक्षा के पिता एक किसान हैं, जिन्होंने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से लगभग 3 लाख रुपये का कर्ज लिया। इतना ही नहीं, वह नागपुर में कुक की नौकरी भी कर रहे थे ताकि बेटी वहां कोचिंग कर सके। राहुल गांधी ने कहा कि एक पिता ने अपनी तरफ से सब कुछ किया, लेकिन NEET पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितता ने एक होनहार छात्रा की जिंदगी छीन ली। उन्होंने लिखा, आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, मोदी जी की एक भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था की देन है।
बता दें कि, मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के मगनिया गांव की रहने वाली 18 वर्षीय आकांक्षा चतुर्वेदी नागपुर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परिवार के अनुसार, परीक्षा देने के बाद वह बेहद खुश थी और उसे उम्मीद थी कि वह 650 से ज्यादा अंक हासिल करेगी। लेकिन जैसे ही परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें सामने आईं, वह मानसिक तनाव में चली गई। परिजनों का कहना है कि उसने खाना कम कर दिया था और लोगों से बातचीत भी बंद कर दी थी। 20 मई को नागपुर स्थित कमरे में उसका शव फंदे से लटका मिला। बाद में मिले सुसाइड नोट में उसने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि अब उसमें दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है।
आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चौबे छोटे किसान हैं। परिवार ने बताया कि बेटी की पढ़ाई के लिए रिश्तेदारों से भी आर्थिक मदद ली गई थी। इस घटना के बाद इलाके में गहरा दुख और गुस्सा है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद छात्रों पर कितना गंभीर मानसिक असर डाल रहे हैं। राहुल गांधी ने भी अपने बयान में कहा कि सरकार हर बार कमेटी और जांच की बात करती है, लेकिन न सुधार होता है और न न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि कुर्सी स्थायी नहीं होती, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई आने वाली पीढ़ियों को करनी पड़ रही है।
Published on:
04 Jun 2026 11:07 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
