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NEET-PG 2025: मेरिट नहीं, मजबूरी! अब -40 अंक वाला भी बन सकता है विशेषज्ञ डॉक्टर

NEET-PG 2025 में कट-ऑफ घटने के बाद अब कम अंक वाले उम्मीदवार भी पीजी मेडिकल सीटों के लिए पात्र हैं। मेडिकल विशेषज्ञ और एक्टिविस्टों ने इस फैसले पर मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल सिस्टम पर सवाल उठाए हैं।

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NEET-PG 2025

नीट 2025 में क्वालिफाइंग परसेंटाइल में भारी कटौती की गई है। (AI Generated Image)

NEET PG 2025 Qualifying Percentile: इसे मजबूरी कहें या जान-बूझकर सेहत से खिलवाड़, देश में अब -40 अंक लाने वाले अभ्यर्थी को भी विशेषज्ञ डॉक्टर बनने का मौका दिया जा रहा है। इस व्यवस्था के बाद देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-पीजी-2025 एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस), नई दिल्ली की ओर से मंगलवार को जारी नोटिस ने पूरे मेडिकल एजुकेशन सिस्टम की पोल खोल दी है। पीजी मेडिकल सीटें खाली न रहें, इसके दबाव में बोर्ड को कट-ऑफ इतना नीचे लाना पड़ा कि अब मेरिट नहीं, मजबूरी के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होने की तस्वीर उभर रही है।

नोटिस के अनुसार, नीट 2025 में क्वालिफाइंग परसेंटाइल में भारी कटौती की गई है। जहां पहले जनरल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए न्यूनतम 50 परसेंटाइल अनिवार्य था, वहीं अब इसे घटाकर महज 7 परसेंटाइल कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि 800 अंकों की परीक्षा में केवल 103 अंक लाने वाला सामान्य वर्ग का अभ्यर्थी भी अब पीजी मेडिकल काउंसलिंग के लिए योग्य हो गया है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए सामने आया है। पहले जहां 40 परसेंटाइल जरूरी था, अब इसे 0 परसेंटाइल तक गिरा दिया गया है। यानी -40 अंक तक पाने वाले अभ्यर्थी भी अब विशेषज्ञ डॉक्टर बनने की दौड़ में शामिल हो सकते हैं।

पीडब्ल्यूडी वर्ग के लिए भी परसेंटाइल घटाई गई है। फिलहाल यह कट-ऑफ सिर्फ शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए लागू की गई है और पात्रता पूरी करना अब भी जरूरी बताया गया है। तर्क है कि देशभर में पीजी मेडिकल सीटें खाली न रहें, इसलिए यह फैसला लिया गया। पर सवाल यह है कि आखिर ऐसी स्थिति आई क्यों?

मरीज की सेहत से खिलवाड़?

मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि कट-ऑफ को इस हद तक गिराना भविष्य में मरीजों की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है। पीजी डॉक्टर ही आगे चलकर सर्जन, फिजिशियन और सुपर स्पेशलिस्ट बनते हैं। यदि प्रवेश का स्तर ही कमजोर होगा, तो इलाज की गुणवत्ता पर असर पड़ना तय है।

रैंक वही, नियम बदले

एनबीईएमएस ने यह भी साफ किया है कि नीट पीजी 2025 की रैंक में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी परिणाम वही रहेगा, लेकिन नियम बदलकर ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवारों को काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा।

तीसरे राउंड की काउंसलिंग होगी

नीट पीजी काउंसलिंग बोर्ड, राजस्थान के चेयरमेन डॉ. शशिमोहन शर्मा ने कहा, नीट कट-ऑफ जारी होने के बाद अब जल्दी ही तीसरे राउंड की काउंसलिंग होगी। पहले ऑल इंडिया और फिर राज्य की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी होगा।

याचिका दायर करेंगे

एक्टिविस्ट और चिकित्सा डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा, चिकित्सा जैसे गंभीर पेशे में क्वांटिटी बढ़ाने के लिए क्वालिटी में इस कदर समझौता जनहित के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को रोक लगानी चाहिए, इसके लिए जनहित याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।


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