
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) और यूजीसी-नेट की परीक्षाओं में अनियमितता की घटनाओं को देखते हुए शनिवार को कई कड़े फैसले किए गए। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड की रविवार (23 जून) को निर्धारित नीट-पीजी परीक्षा स्थगित कर दी और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक (डीजी) सुबोध कुमार सिंह को पद से हटा दिया। एनटीए की कार्य प्रणाली को पारदर्शी व आसान बनाने और न्यायपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में उच्च स्तर के विशेषज्ञों की एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति दो महीने में शिक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
नीट-पीजी परीक्षा स्थगित करने की घोषणा करते हुए परिवार कल्याण और स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हाल ही की कुछ प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं की घटनाओं को देखते हुए इस परीक्षा को टालने का निर्णय लिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को जांचने के बाद नई तिथि की घोषणा जल्दी की जाएगी। छात्रों के हितों और परीक्षा की शुचिता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। इससे पहले, शुक्रवार की आधी रात को एंटी-पेपर लीक कानून लागू करने की अधिसूचना जारी की गई थी।
खरगे ने बताया, 'लीपापोती का प्रयास'
माना जा रहा है कि सोमवार से शुरू होने वाले लोकसभा सत्र में सरकार को घेरने की विपक्ष की तैयारी को देखते हुए सरकार ने ताबड़तोड़ कड़े कदम उठाए हैं। 18वीं लोकसभा में मजबूत विपक्ष को सत्र से पहले की परीक्षाओं में अनियमितताओं और कथित पेपर लीक का बड़ा मुद्दा मिल गया है। नकल विरोधी कानून लागू किए जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह कह कर विपक्ष के तेवर स्पष्ट कर दिए कि भाजपा सरकार नीट में धांधली के मामले में लीपापोती का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को समझ लेना चाहिए इस मामले की जिम्मेदारी से वह किसी स्तर पर बच नहीं सकती है। खरगे ने कहा कि नए कानून को फरवरी में ही राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी, लेकिन इसे 24 जून की आधी रात को लागू किया गया।
खरोला को एनटीए डीजी का प्रभार
केंद्र सरकार की मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने शनिवार को केरल कैडर के 1985 बैच के रिटायर्ड आइएएस अधिकारी प्रदीप सिंह खरोला को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक (डीजी) का प्रभार सौंप दिया। वह वर्तमान में भारत व्यापार संवर्धन संगठन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। उन्हें यह पदभार अगली स्थायी नियुक्ति या अगले आदेश तक प्रदान किया गया है। उन्होंने यह पदभार एनटीए के वर्तमान डीजी सुबोध कुमार सिंह से ग्रहण किया है।
समिति दो महीने में देगी रिपोर्ट
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए की कार्य प्रणाली को पारदर्शी, आसान बनाने और न्यायपूर्ण परीक्षा कार्यान्वयन की गारंटी के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय उच्च स्तर के विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया है।
समिति दो महीने में मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी
इस समिति में दिल्ली एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बीजे राव, आइआइटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एमेरिटस प्रो के राममूर्ति , कर्मयोगी भारत के सह-संस्थापक पंकज बंसल, आइआइटी दिल्ली के डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो आदित्य मित्तल और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल को रखा गया है। डॉ. राधाकृष्ण वर्तमान में आइआइटी, कानपुर के संचालन मंडल के अध्यक्ष हैं।
Updated on:
23 Jun 2024 07:23 am
Published on:
23 Jun 2024 07:17 am
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